पुलिसकर्मियों की शूटिंग क्षमता का होगा सरप्राइज टेस्ट
हिन्दुस्तान विशेष हथियार रखने के तरीके की भी होगी सघन रूप से जांच

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। अब पुलिसकर्मियों की शूटिंग क्षमता का सरप्राइज टेस्ट होगा। ताकि उनको आधुनिकीकरण अधिक पेशेवर और चुस्त-दुरुस्त बनाया जा सके। दरअसल, अब राज्य के पुलिसकर्मियों की शूटिंग क्षमता और हथियार रखने के तौर-तरीकों की सघन जांच की जाएगी। इसके तहत वरीय अधिकारी कभी भी और कहीं भी पहुंचकर सरप्राइज टेस्ट लेंगे। एक ओर जहां राज्य में पुलिस को लगातार अत्याधुनिक हथियार जैसे आधुनिक असॉल्ट राइफलें और पिस्टल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं आंतरिक रिपोर्टों से यह बात सामने आई है कि कई पुलिसकर्मी इन आधुनिक हथियारों के संचालन में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। जमालपुर और वीरपुर में शूटिंग रेंज : भागलपुर पुलिस लाइन के डीएसपी केशव कुमार ने बताया कि लाइन में हथियार की देखरेख साफ-सफाई के लिए तीन पुलिसकर्मियों की तैनाती है। भागलपुर से पुलिसकर्मियों को शूटिंग के लिए मुंगेर जिला के जमालपुर भेजा जाता है। वहीं कोसी और सीमांचल के पुलिसकर्मियों को शूटिंग के लिए सुपौल वीरपुर भेजा जाता है。
निशानेबाजी की चुनौतियाँ
निशानेबाजी को लेकर उठ रहे हैं सवाल: फील्ड में ड्यूटी और तनावपूर्ण स्थितियों में कई बार जवानों की निशानेबाजी की क्षमता और फायर रेंज के कम अनुभव पर सवाल उठे हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए अब पुलिसकर्मियों के बीच फायरिंग अनुभव और कौशल को साझा करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, हथियारों के रखरखाव और उन्हें सही तरीके से कैरी करने के तौर-तरीकों की भी बारीकी से जांच होगी।
आधुनिक हाइब्रिड फायरिंग रेंज
आधुनिक हाइब्रिड फायरिंग रेंज पर चल रहा काम: पुलिसकर्मियों के कौशल को निखारने के लिए अब राज्य में अत्याधुनिक हाइब्रिड फायरिंग रेंज विकसित करने पर तेजी से काम चल रहा है। ताकि जवानों को आधुनिक तकनीक आधारित वर्चुअल और लाइव फायरिंग का बेहतर अनुभव मिल सके।
पुलिस बल की कमियों की पहचान
पुलिस बल की कमियों को समय रहते दूर करना उद्देश्य
पुलिस मुख्यालय की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया है कि इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं है। पुलिस बल की तैयारियों में मौजूद कमियों को समय रहते दूर करना है। ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। सभी पुलिसकर्मियों को हथियार से संबंधित जानकारी रहे। इसको लेकर व्यापक स्तर पर सभी जिले के एसपी को दिशा - निर्देश जारी किए गए हैं।
आर्म्स से संबंधित मामलों को लेकर मंगलवार और शुक्रवार को शिफ्ट वाइज पुलिसकर्मियों से जानकारी ली और दी जा रही है। माह में एक बार विशेष रूप से आर्म्स को लेकर पुलिस लाइन में काम किए जा रहे हैं। पुलिस लाइन में तीन आरमोरर इंचार्ज तैनात हैं। वे हथियारों की देखरेख और समस्या आने पर जानकारी देते हैं।
-प्रमोद कुमार यादव, एसएसपी, भागलपुर।


