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सूरत अग्निकांड : छलांग लगाने वाले छात्र ने बताई रूह कंपा देने वाली कहानी

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सूरत अग्निकांड से न सिर्फ पूरा गुजरात बल्कि पूरा देश इस हादसे से दहल गया है। वहां मौजूद चश्मदीदों ने भी रूह कंपा देने वाली कहानी बताई है। हादसे में बमुश्किल अपनी जान बचा पाए एक छात्र ने भयावह दास्तां को बयां किया। इस हादसे में शुक्रवार को 20 लोगों की मौत हो गई थी।


लोगों को लगा, किसी ने प्लास्टिक जलाया
सूरत अग्निकांड हादसे में बचे और अब अस्पताल में भर्ती छात्र रुसित ने इस पूरे खौफनाक मंजर का आंखों देखा हाल बताया। रुसित ने कहा, हम सब कार्यालय में बैठे थे, तभी धीरे-धीरे धुआं अंदर आने लगा। सबको लगा कि नीचे किसी ने प्लास्टिक जलाया होगा लेकिन धीरे-धीरे एसी में से भी धुआं आने लगा। तभी नीचे से अन्य कक्षा वाले सर कुछ बच्चों के साथ आए और कहने लगे कि नीचे आग लग गई है। 

 

दम घुटते ही सारी खिड़कियां तोड़ दी
रुसित ने आगे कहा, हमें कहा गया कि सब पीछे चलो। हम पीछे गए तो वहां भी धुआं इतना होने लगा कि दम घुटने के हालात बनने लगे। हमने उस मंजिल की सारी खिड़कियां तोड़ दीं। हमें अब ये लगने लगा कि शायद हम रहेंगे या नहीं रहेंगे। नीचे छलांग लगाने के बारे में भी सोचना शुरू कर दिया। मैंने सोचा कि यहां रहा तो भी जल जाउंगा और नीचे कूदा तो भी मर जाउंगा। फिर सोचा कि नीचे ही छलांग लगा देनी चाहिए। 

फायर ब्रिगेड के आने से पहले हालात बिगड़े
रुसित ने बताया, आग की सूचना के बाद जब फायर ब्रिगेड पहुंची तो तब तक हालात बिगड़ चुके थे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जब तक खड़ी होतीं, सीढ़ियां लगतीं, तब तक काफी देर हो जानी थी। इसलिए हमने नीचे कूदने का फैसला किया। मेरे साथ कक्षा में 8-9 छात्र थे, अन्य दूसरी कक्षा में भी कुछ छात्र थे। और फिर सबने नीचे छलांग लगाना शुरू कर दी। सबसे पहली छलांग रुसित ने ही लगाई थी। इसके बाद 13 छात्र-छात्राएं गिरते हुए नीचे आए, इनमें से 3 की मौत हो गई। रुसित वहां नाटक की तैयारी के लिए पिछले डेढ़ साल से जा रहा था। 

 

इस युवा ने 8 बच्चों की जान बचाई
जिस समय आग से बचने के लिए लोग इमारत से कूद रहे थे, उस समय घटना स्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद लोग वीडियो बनाने में जुटे थे, लेकिन यही लोग यदि आगे आए होते तो कई बच्चों की जान बच सकती थी। वहां मौजूद लोगों में एक युवा ऐसा भी था जिसने जिसने अपनी जान पर खेलकर कई बच्चों को मौत के मुंह निकाला। 8 बच्चों की जान बचाने वाले केतन जोरवाड़िया ने कहा कि कूदते हुए लड़के-लड़कियों को देखकर उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने तुरंत सीढ़ियों की तलाश शुरू कर दी लेकिन वहां सीढ़ी नहीं थी, जिसके बाद केतन ऊपर से नीचे आए और वहां से एक सीढ़ी लेकर वापस गए। हालांकि यह युवा इस बात से दुखी है कि संकट के समय में भी लोग वीडियो बनाने में जुटे थे। 

 

बच्चों ने सोचा नीचे खड़े लोग हमें बचा लेंगे 
अगर समय पर सीढ़ी मिली होती और मदद के लिए और लोग आगे आए होते तो वह कई बच्चों को बचा पाता। खून से लथपथ कमीज में केतन बहुत निराश दिख रहे थे। केतन बता रहे हैं कि उसने हर संभव कोशिश की कि बच्चे बच जाएं और वह इमारत के आगे-पीछे भागता रहा। केतन चोरवाडिया ने कहा कि जब बच्चे ऊपर से कूदे तो उन्हें लगा होगा कि नीचे खड़े लोग हमें बचा लेंगे लेकिन सभी बच्चों की जिंदगी से ज्यादा वीडियो बनाने में लगे थे। 

 

सीढ़ी मिली होती तो और बच्चे बचा पाता
केतन ने कहा कि वहां बहुत धुआं था, मुझे नहीं पता था कि वहां क्या करूं, मैंने सीढ़ी ली और बच्चों को पहले वहां से बाहर निकाला। मैंने वहां से 8-10 लोगों को बचाया और इसके बाद और दो को बचाया। अगर और लोग आगे आते तो कई बच्चों की जान बच सकती थी लेकिन मैंने पूरी कोशिश की कि कुछ बच्चों की जान बचाई जा सके। केतन ने बताया कि फायर ब्रिगेड पहुंचने में 40-45 मिनट की देरी हो गई, अगर वो वक्त पर आती तो और जानें बचती। 

 

 केतन को 1 लाख रुपये देकर सम्मानित करेंगे विधायक
सूरत के रहने वाले केतन जोरवाड़िया को अब सूरत के मजूरा से बीजेपी विधायक हर्ष सांघवी ने सम्मानित करने का फैसला किया है। उन्होंने शनिवार को बताया, मैं शहर के लोगों के साथ केतन को एक लाख रुपये और एक प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करूंगा।' उन्होंने कहा, केतन ने जो किया वह मानवता के लिए एक मिसाल है। अगले 2-3 दिनों में हम एक सम्मान समारोह का आयोजन करेंगे, जहां केतन को शहर के लोगों के साथ सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले हर्ष ने घटना के दौरान केतन की बहादुरी की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, इस बहादुर शख्स की तारीफ के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मिलिए केतन जोरवाड़िया से जिन्होंने सूरत अग्निकांड के दौरान बिल्डिंग के बाहर झूलते हुए दो बच्चों की जान बचाई। 


अपना रिजल्ट नहीं देख पाईं ये 3 छात्राएं
सूरत के तक्षशिला आर्केड के कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में जिन छात्रों को जान गंवानी पड़ी उनमें केवदिया यशवी दिनेशभाई, वर्षानी मानसी परवीनभाई और सुरानी हस्ती हितेशभाई का नाम भी शामिल हैं। तीनों कक्षा 12वीं की छात्रा थीं। शनिवार को गुजरात बोर्ड ने कक्षा 12वीं का रिजल्ट घोषित किया, जिसमें तीनों छात्राओं ने अच्छे नंबर से परीक्षा में सफलता हासिल की है। ये तीनों लड़कियां 12वीं में कॉमर्स स्ट्रीम की छात्रा थीं। 
 
ये हैं मरने वालों के नाम 
एशा रमेश खंडेला, जान्हवी मतुर वसोया, मीत दिलीप संघानी, हस्ती हितेश सुरानी, ईशा जॉन्टी कांकड़िया, अंश मनसुख ठुमर, जान्हवी महेश वेकरिया, वंशवि जयेश काननि, कृति ध्याला, दृष्टि खूंट, रूमी बलर, खुशाली किरीट, कोठड़िया, कृष्णा सुरेश भिकडिया, रूद्र डोंडा, ऋतू संजय साकरिया, दिनेश केवलिया, ग्रीष्मा गजेरा, निसर्ग कातरोडिया , मानसी वरसानी और एक अन्य।


 घड़ी से और मोबाइल पर घंटी देकर बेटियों की पहचान की
हादसा इतना दर्दनाक था कि परिजन को अपने मृतक बच्चों की पहचान करना मुश्किल हो गया। उन्होंने घड़ी से और मोबाइल पर घंटी देकर शिनाख्त की। कई तो घंटों तक भटकते रहे। 18 साल की जाह्नवी चतुरभाई वसोया और 17 साल की कृति नीलेश दयाल की पहचान उनकी घड़ियों से हुई। इनके परिजन ने बताया कि दोनों इंस्टीट्यूट में पढ़ने आती थीं। कुछ दिन पहले इन्हें घड़ी दिलाई थी। कुछ परिजन बच्चों को ढूंढते हुए स्मीमेर अस्पताल पहुंचे। इसी तरह 18 साल की एशा खड़ेला ड्रॉइंग सीखने जाती थी। पिता ने एशा के मोबाइल पर फोन किया, तो घंटी मोर्चरी में रखे शव से चिपके मोबाइल पर बजी। वहीं, मौजूद एक कर्मचारी ने फोन उठाया और पिता को पूरी घटना बताई। एशा पूरी तरह जल चुकी थी, लेकिन संयोग से फोन बच गया था।


 अमिताभ बच्चन और जावेद अख्तर ने शोक जताया
मुंबई। अमिताभ बच्चन और जावेद अख्तर समेत बॉलीवुड की कई हस्तियों ने गुजरात के सूरत में वाणिज्यिक परिसर में घटी आग की घटना में 20 बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। अमिताभ ने ट्वीट कर कहा कि वह बता नहीं सकते कि इस घटना को लेकर कितने दुखी हैं और पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, सूरत में भयानक त्रासदी .. एक विनाशकारी आग और उसकी चपेट में आए 14 से 17 साल के बच्चों की इमारत से कूदने से मौत...ऐसा दुख जिसे जाहिर नहीं किया जा सकता...प्रार्थना। वहीं गीतकार जावेद अख्तर ने घटना को बड़ी त्रासदी बताते हुए देशभर में अग्नि सुरक्षा नियमों को सख्त बनाने के लिए कहा। उन्होंने घटना को बहुत बड़ी त्रासदी बताते हुए कहा, मैं पीड़ितों के परिवार और उनके मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। हमारे देश के सभी शहरों की नगरपालिकाओं को अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराना चाहिए। अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, श्रद्धा कपूर, उर्मिला मातोंडकर और अभिनेता आर माधवन ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। 

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  • Web Title:Surat fire: student who jumped from the fourth floor told the scene and horror story