कोटक एएमसी के खिलाफ सेबी की कार्रवाई सही : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सेबी द्वारा कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को सही ठहराया। न्यायालय ने कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन आवश्यक है। यह विवाद 2019 का है, जिसमें कोटक ने निवेशकों को निर्धारित समय पर धन वापस नहीं किया।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (कोटक एमसी), कोटक महिंद्रा ट्रस्टी कंपनी और उनके छह वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को सही ठहराया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है, चाहे निवेशकों को अंततः नुकसान हो या मुनाफा। पीठ ने कोटक एएमसी, कोटक ट्रस्टी और छह वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दायर उन अपीलों को खारिज कर दिया, जिनमें सिक्योरिटीज़ अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) के आदेशों को चुनौती दी गई थी। सैट ने छह फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (एफएमपी) स्कीमों से जुड़े रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन के बारे में सेबी के निष्कर्षों को काफी हद तक सही ठहराया था।
पीठ के लिए फैसला लिखने वाले जस्टिस दत्ता ने कहा कि ये अपीलें सुनवाई के लायक नहीं हैं। इसलिए, हम कोटक एएमसी, कोटक ट्रस्टी और वरिष्ठ अधिकारियों की अपीलें खारिज करते हैं। यह विवाद वर्ष 2019 का है। कोटक एएमसी ने एस्सेल ग्रुप की कंपनियों द्वारा जारी किए गए डेट (ऋण) निवेश से जुड़ी रकम निवेशकों को तय समय पर वापस नहीं की।


