‘डॉक्टरों पर हमला करने वाले जमानत के हकदार नहीं’

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को निचली अदालत से मिली जमानत पर रोक लगाने को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले जमानत के हकदार नहीं हैं। सुनवाई में कोर्ट ने चिकित्सा क्षेत्र के प्रति सम्मान नहीं रखने वालों पर सख्त टिप्पणी की और मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की।

‘डॉक्टरों पर हमला करने वाले जमानत के हकदार नहीं’

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट का शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को निचली अदालत से मिली जमानत पर रोक लगाना ‘पूरी तरह सही’ था। अदालत ने टिप्पणी की कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले जमानत के हकदार नहीं हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। इसमें म्हात्रे की याचिका भी शामिल थी। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के पार्षद म्हात्रे ने जमानत देते समय हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों को चुनौती दी है। दरअसल, 18 जुलाई को, खुद संज्ञान लेते हुए, हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगा दी थी और म्हात्रे को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने को कहा था।

बाद में, 7 अगस्त को, हाईकोर्ट ने म्हात्रे को जमानत दे दी और आदेश दिया कि ट्रायल तेजी से चलाया जाए और तय समय में पूरा किया जाए। हाईकोर्ट ने कथित हमले के मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी जमानत दी थी, जिससे भारी आक्रोश फैल गया था। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश एक वकील ने तर्क दिया कि 18 जुलाई को हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश गलत था।पीठ ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिसमें हाईकोर्ट का खुद संज्ञान लेना और जमानत पर रोक लगाना पूरी तरह सही था। पीठ ने कहा कि जो लोग मेडिकल क्षेत्र के लोगों का सम्मान नहीं करते, वे इसके हकदार नहीं हैं। पीठ ने कहा कि डॉक्टरों, जिनमें एक महिला डॉक्टर भी शामिल थीं, पर हमला किया गया था और घटना का वीडियो वायरल हो गया था। शीर्ष अदालत ने पूछा कि सोचिए उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी जब भीड़ हमला करती है। आप अस्पताल के अंदर जाकर किसी भी व्यक्ति को मार सकते हैं। पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 7 सितंबर की तारीख तय की।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia News‘डॉक्टरों पर हमला करने वाले जमानत के हकदार नहीं’