नोएडा भूमि घोटाले की जांच अब विजिलेंस करेगी
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने के मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार की विजिलेंस इकाई को सौंपी। एसआईटी द्वारा पेश रिपोर्ट में कहा गया कि किसानों के हित में कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश भी दिया।

नोट:::::खबर खूफिया ब्यूरो की जगह विजिलेंस इकाई किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से जांच लेते हुए दिया निर्देश
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता।
जांच का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नोएडा में जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने से जुड़े मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश सरकार की विजिलेंस इकाई को सौंप दी। इस मामले की जांच पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही थी।
SIT रिपोर्ट का विश्लेषण
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने इस मामले में पेश एसआईटी की रिपोर्ट पर विचार करते हुए यह आदेश दिया है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि इस मामले में अब तक 6 प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीठ को बताया गया कि दर्ज 6 मामलों में से 3 कथित मिलीभगत के जरिए किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने से संबंधित है, जबकि शेष 3 मामले में प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए अधिकारियों द्वारा 10 फीसदी कमीशन नगद में लिया जाता था। इन रिपोर्ट पर विचार करते हुए, शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को इन मामलों की जांच तत्काल प्रभाव से राज्य की विजिलेंस इकाई को सौंपने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा किबिजिलेंस इकाई से कहा कि वह मामले की जांच अधिकतम तीन माह में पूरा करे।
कानूनी कार्रवाई का संकेत
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि जांच के परिणाम के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कि हमने मामले के गुण-दोष पर अपनी कोई राय व्यक्त नहीं की है और संबंधित अदालतों को कानून के अनुसार फैसला लेने की छूट है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारी अधिकारियों की कथित लापरवाही और कदाचार से संबंधित है, इसलिए किसी भी जनहितैषी व्यक्ति को इस बात की छूट होगी यदि जांच पूरी करने या आगे की कानूनी कार्रवाई में अत्यधिक देरी होती है, तो वह हाईकोर्ट या शीर्ष अदालत का रुख कर सकता है।
किसानों की गिरफ्तारी पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में एक बार फिर से साफ कर दिया कि मामले में किसानों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पीठ ने कहा कि किसानों को दी गई गिरफ्तारी से छूट जारी रहेगी।


