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2 दिसंबर, 2020|9:01|IST

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मध्य प्रदेश में उपचुनाव प्रचार को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

supreme court on home delivery of liquor

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें राजनीतिक दलों से कहा गया था कि कोविड-19 के मद्देनजर वे 3 नवंबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रत्यक्ष रैलियां करने के बजाय ऑनलाइन प्रचार करें। न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से कहा कि कोविड-19 के दिशा-निर्देशों और कानून को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक रैलियों के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए।

शीर्ष अदालत में आयोग और मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की याचिकाओं की सुनवाई हो रही थी जिनमें उच्च न्यायालय के 20 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत ने तोमर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से कहा कि वह ईसीआई को बताएं कि उच्च न्यायालय के आदेश के चलते चुनाव प्रचार का कितना वक्त बरबाद हुआ।

चुनाव आयोग ने उच्च न्यायालय के आदेश की पृष्ठभूमि में कहा कि संविधान के तहत चुनावों के आयोजन और प्रबंधन की देखरेख का जिम्मा उसका है और संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत चुनावी प्रक्रिया के मध्य में न्यायिक दखल पर रोक है।

याचिका में कहा गया कि चुनाव आयोग ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 25 सितंबर को चुनावी रैली या सभाओं के बारे में कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया कि उनके दिशा-निर्देशों और राज्य सरकार की मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के मुताबिक सुरक्षा उपायों के साथ राजनीतिक सभाओं में 100 से अधिक लोगों के एकत्रित होने की अनुमति दी जा सकती है। मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को उपचुनाव होना है।

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  • Web Title:Supreme Court stays MP HC order asking political parties to conduct virtual campaign for bypoll