सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले दो छात्र न्यायिक हिरासत में भेजे
सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को सुनवाई के दौरान हंगामे और अभद्र भाषा के आरोप में दो कानून के छात्रों को पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अगले सुनवाई की तारीख 29 जुलाई है। छात्रों पर अभद्रता, कागजात फेंकने और अदालत की कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप है।

सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को सुनवाई के दौरान हंगामा और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप में गिरफ्तार दो कानून के छात्रों को पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। प्रबल प्रताप उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी है और लखनऊ विश्वविद्यालय में तीसरे वर्ष का छात्र है। वह मामले में स्वयं याचिकाकर्ता के रूप में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुआ था। वहीं, चंदर भान रायबरेली निवासी है और दूसरे वर्ष का छात्र है।
पुलिस के अनुसार, दस जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप ने कथित तौर पर अभद्र और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, कागज फेंके और अदालत की कार्यवाही में बाधा डाली। जब सुरक्षाकर्मी ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने कथित तौर पर उससे धक्का-मुक्की की और ड्यूटी में बाधा पहुंचाई। इस मामले में तिलक मार्ग थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोनों आरोपियों को मानसिक स्वास्थ्य जांच के लिए इहबास भेजा गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद कहा कि उन्हें किसी तत्काल मानसिक इलाज की जरूरत नहीं है।
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