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20 जनवरी, 2020|9:09|IST

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सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों की कटाई से महाराष्ट्र सरकार को रोका

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उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार (10 दिसंबर) को महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को निर्देश दिया कि वृक्षों की कटाई के खिलाफ एक कार्यकर्ता की याचिका पर बंबई उच्च न्यायालय का फैसला होने तक मुंबई में मेट्रो परियोजना के लिये पेड़ों की कटाई नहीं की जाये।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने इस निर्देश के साथ ही कार्यकर्ता रोहित जोशी की अपील वापस उच्च न्यायालय भेज दी। रोहित ने उच्च न्यायालय के पहले के आदेश के खिलाफ यह अपील दायर की थी।

उच्च न्यायालय ने मेट्रो की चौथी लाइन परियोजना के लिये पेड़ों की कटाई करने की अनुमति देने के बृहन्नमुंबई नगर निगम के वृक्ष प्राधिकरण के फैसले को बरकरार रखा था। मेट्रो की यह लाइन नवी ठाणे मेट्रो स्टेशन से शुरू होगी और वडाला-कासरवाडावली लाइन को दो स्थानों पर जोड़ेगी।

इस मामले की सुनवाई शुरू होते ही सरकारी प्राधिकारियों के वकील ने पीठ को सूचित किया कि इस परियोजना में विलंब की वजह से उन्हें काफी नुकसान हुआ है ओर वैसे भी उच्च न्यायालय इससे संबंधित याचिका पर 12 दिसंबर को सुनवाई करेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकारियों ने एक वृक्ष की कटाई के बदले क्षतिपूरक वनीकरण के रूप में पांच वृक्ष लगाये हैं।

पीठ ने उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख पर जोशी की याचिका पर विचार करके उचित आदेश पारित करे। पीठ ने स्पष्ट किया कि उस समय तक वृक्षों की कटाई पर रोक रहेगी और उच्च न्यायालय के फैसले के बगैर एक भी पेड़ नहीं काटा जायेगा। 

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  • Web Title:Supreme Court restrains Maharashtra from felling trees for metro project transfers plea to Bombay High Court