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हिंदी न्यूज़ देशमंत्री ने नाम चुना और PM ने भी उसी दिन दी मंजूरी, ऐसी क्या थी जल्दी; EC की नियुक्ति पर SC

मंत्री ने नाम चुना और PM ने भी उसी दिन दी मंजूरी, ऐसी क्या थी जल्दी; EC की नियुक्ति पर SC

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त की नियुक्तियों पर सवाल उठाए। पीठ ने पूछा,

मंत्री ने नाम चुना और PM ने भी उसी दिन दी मंजूरी, ऐसी क्या थी जल्दी; EC की नियुक्ति पर SC
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 24 Nov 2022 02:11 PM

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सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र सरकार से सवाल किया कि पूर्व आईएएस अधिकारी अरुण गोयल की चुनाव आयुक्त के रूप में "सुपर फास्ट" नियुक्ति की इतनी जल्दी क्यों थी, जबकि चुनाव आयुक्त जैसे बड़े पद पर चुनाव को लेकर  पहले से ही सरकार की आपत्ति रही है।

पांच जजों की संविधान पीठ ने लगातार तीसरे दिन चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया पर कुछ तीखी टिप्पणियां जारी रखते हुए आज सीधे अरुण गोयल की नियुक्ति से जुड़ी उन फाइलों की पड़ताल की जो उसने कल केंद्र सरकार से मांगी थी।

आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त की नियुक्तियों पर सवाल उठाए। पीठ ने पूछा, "बिजली की तेजी से चुनाव आयुक्त की नियुक्ति क्यों? चौबीस घंटे के भीतर ही नियुक्ति की सारी प्रक्रिया कैसे पूरी कर ली गई? किस आधार पर कानून मंत्री ने चार नाम को शॉर्टलिस्ट किया? 

पीठ ने कहा, "कानून मंत्री ने चुने गए चार नामों की सूची में से एक नाम चुना.. इसकी फाइल 18 नवंबर को पेश की गई; यहां तक ​​कि प्रधानमंत्री ने भी उसी दिन नाम की सिफारिश कर दी। हम कोई टकराव नहीं चाहते, लेकिन क्या यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला था?आखिर इतनी जल्दी क्या थी?"

पीठ ने कहा, "यह रिक्ति 15 मई को ही सामने आ गई थी। हमें यह दिखाइए कि मई से नवंबर तक सुपर फास्ट काम करने के लिए सरकार पर क्या दबाव था?" कोर्ट ने कहा, "प्रक्रिया उसी दिन शुरू हुई और उसी दिन पूरी हो गई। इसमें किस तरह का मूल्यांकन किया गया? हालांकि, हम अरुण गोयल की योग्यता पर नहीं बल्कि चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।'

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