दिव्यांग अनुकूल नियम और मजबूत बनाने पर विचार करे केंद्र
सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगों की सार्वजनिक जगहों और सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार को मजबूत नियम बनाने का आदेश दिया। सरकार को सुझावों पर विचार करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, कोर्ट ने राज्यों को चार सप्ताह में आयुक्त नियुक्त करने का भी आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को सार्वजनिक जगहों और सुविधाओं तक दिव्यांगों की पहुंच बेहतर बनाने के लिए एक मजबूत नियम बनाने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने इसके लिए सरकार को विशेषज्ञों और याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर ‘बारीकी से’ विचार करने का निर्देश दिया है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि इसका मकसद ऐसे मजबूत नियम बनाना है जिनमें कोई कमी न हो और जो यह सुनिश्चित करे कि दिव्यांग लोग आसानी से सार्वजनिक जगहों और सेवाओं का इस्तेमाल कर सकें। शीर्ष अदालत ने 8 नवंबर, 2024 को केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 40 के तहत जरूरी नियम बनाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके सार्वजनिक जगहें और सेवाएं दिव्यांगों के लिए सुलभ हों। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नियम बनाने के बारे में दी गई दलीलों को सुनने के बाद केंद्र की ओर से अतरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वे नियमों का मसौदे को अधिसूचित करने से पहले विशेषज्ञों और याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर विचार करें, ताकि नियम अधिक मजबूत, बिना गलती वाले और व्यावहारिक बन सकें。
चार सप्ताह में राज्य आयुक्त नियुक्त किए जाएं
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, अंडमान-निकोबार और तमिलनाडु सहित 11 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों द्वारा कानून के तहत दिव्यांगों के पुनर्वास की देखरेख के लिए राज्य आयुक्त (स्टेट कमिश्नर) नियुक्त नहीं किए हैं। पीठ ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे चार सप्ताह में राज्य आयुक्त नियुक्त करें। इस निर्देश का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। साथ ही, राज्यों को हिदायत दी कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। इसके साथ ही पीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह मुख्य आयुक्त की मदद के लिए दो आयुक्त भी नियुक्त करे, ताकि चार सप्ताह में दिव्यांगों के पुनर्वास को पक्का किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें सार्वजनिक जगहों और सुविधाओं तक दिव्ंयांगों की पहुंच को आसान बनाने के लिए सरकार को नियम बनाने का आदेश देने की मांग की।


