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16 फरवरी, 2020|10:54|IST

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चिंता: सुप्रीम कोर्ट के जज बोले, सोच रहा हूं स्मार्टफोन छोड़ दूं

supreme court   ani tweet 20 sep  2019

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर गहरी चिंता जताई। जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि आज तकनीक ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। मैं तो सोच रहा हूं कि स्मार्टफोन का प्रयोग ही छोड़ दूं। जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा, सोशल मीडिया का दुररुपयोग रोकने के लिए तय समय में दिशानिर्देश बनाने की जरूरत है। केंद्र सरकार तीन सप्ताह में बताए कि इसके लिए कितना समय चाहिए। 

पीठ ने कहा कि जिस तरीके से सोशल मीडिया की तकनीक काम करती है वह भयावह है। मैंने देखा है कि इंटरनेट पर असाल्ट राइफल एके 47 तक खरीद सकते हैं। मैं सोच रहा हूं कि स्मार्ट फोन ही त्याग दूं और बटन वाला फीचर फोन ले लूं। इस पर केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, हममें से कई लोग तो यह काम पहले ही कर चुके हैं। शीर्ष अदालत ने इससे पहले केंद्र से यह स्पष्ट करने के लिए कहा था कि क्या वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों को आधार से जोड़ने के दिशा निर्देश बनाने पर विचार कर रही है।  सोशल मीडिया पर आने वाले विवरण के जनक का पता लगाने में मदद के लिये इस मामले पर यथाशीघ्र निर्णय करना होगा।

सरकार ही दखल दे सकती है 

पीठ ने किसी संदेश या ऑनलाइन विवरण के जनक का पता लगाने में कुछ सोशल मीडिया मंचों की असमर्थता पर चिंता जताई। पीठ ने कहा, शीर्ष अदालत या उच्च न्यायालय वैज्ञानिक मुद्दे पर निर्णय लेने में सक्षम नहीं है। इन मुद्दों से निपटने में सरकार को ही दिशानिर्देश बनाने होंगे। 

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  • Web Title:supreme court judge says thinking to leave smartphone