डेढ़ वर्ष बाद समाधान की ओर बढ़ा ज्ञानवापी केस
ज्ञानवापी विवाद के समाधान के लिए 14 जुलाई को दोनों पक्षों की बैठक होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसम्बर 2024 को नए मुकदमे दाखिल करने पर रोक लगाई है। इसके बाद विभिन्न अदालतों में सुनवाई धीमी पड़ गई है, लेकिन अब समाधान की नई संभावना दिख रही है।

वाराणसी, विशेष संवाददाता। ज्ञानवापी विवाद के समाधान के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित मध्यस्थता केंद्र में 14 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मध्यस्थता केंद्र प्रभारी जज राजीव मुकुल पांडेय की अध्यक्षता में हिंदू-मुस्लिम दोनों पक्षों की बैठक होने जा रही है। इससे ज्ञानवापी मुकदमे में सरगर्मी बढ़ेगी। याचिकाकर्ता अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसम्बर 2024 को ज्ञानवापी को लेकर नया मुकदमा दाखिल और स्वीकार करने पर रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की तीन मेंबर वाली बेंच ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट (विशेष प्रावधानों) 1991 की कुछ धाराओं की वैधता पर सवाल उठाने वाली छह याचिकाओं पर सुनवाई की थी। बेंच ने कहा था कि हम इस कानून के दायरे, उसकी शक्तियों और ढांचे को जांच रहे हैं। ऐसे में यही उचित होगा कि बाकी सभी अदालतें अपने हाथ रोक लें। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से याचिकाओं पर चार हफ्ते में अपना पक्ष रखने को कहा था। केंद्र के जवाब दाखिल करने तक खंडपीठ ने सुनवाई से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पुराने मुकदमों में सुनवाई जारी रहेगी।
समाधान की नई संभावना
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईकोर्ट से लेकर सेशन कोर्ट की विभिन्न अदालतों में लम्बित ज्ञानवापी के केसों में सुनवाई धीमी पड़ गई। आदेश के दृष्टिगत कई मामलों में अगली सुनवाई कई तिथियों से नहीं हो पा रही है। सुप्रीम कोर्ट की नई पहल के बाद करीब डेढ़ वर्ष बाद समाधान की नई संभावना दिखने लगी है।


