राजपाल यादव ‘ड्रामा’ करने में माहिर : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को एक प्राइवेट फर्म का 2 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने के लिए दो हफ्ते का अंतिम मौका दिया। अदालत ने कहा कि यादव का व्यवहार विश्वसनीय नहीं है, फिर भी उन्हें एक आखिरी मौका दिया गया है। उन्हें 5 अक्तूबर तक आत्मसमर्पण करने की समय-सीमा बढ़ाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अभिनेता राजपाल यादव को एक प्राइवेट फर्म का बकाया चुकाने के लिए ठोस प्रस्ताव लाने का आखिरी मौका (दो हफ्ते) दिया। इस दौरान अदालत ने कहा कि वह ड्रामा करने में माहिर हैं, लेकिन यह अदालत है। शीर्ष अदालत ने 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने उनके आत्मसमर्पण करने से छूट की समय-सीमा 5 अक्तूबर तक बढ़ा दी। पीठ ने कहा कि वह ड्रामा करने में माहिर हैं, लेकिन यह कोर्ट है। कोर्ट के पहले के आदेशों का पालन नहीं किया गया है।
पीठ ने आगे कहा कि यादव का व्यवहार भरोसा नहीं जगाता, लेकिन उन्हें एक आखिरी मौका दिया जाएगा। यादव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पी.एस. पटवालिया ने बकाया रकम चुकाने के लिए ठोस प्रस्ताव लाने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा और कहा कि वह अपनी ईमानदारी साबित करने के लिए 2 करोड़ रुपये जमा करेंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को कई चेक-बाउंस मामलों में यादव की सजा को बरकरार रखा और उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई।


