class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

SC जजों की PC:शीर्ष अदालत में सबकुछ ठीक नहीं,बीते दिनों में बहुत कुछ हुआ

Supreme Court Judges Kurian Joseph, J Chelameswar, Ranjan Gogoi and Madan Lokur addressing the media

1 / 2Supreme Court Judges Kurian Joseph, J Chelameswar, Ranjan Gogoi and Madan Lokur addressing the media in New Delhi.(HT Photo)

SC Judges PC

2 / 2SC Judges PC

PreviousNext

भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों जे चेलमेशवार, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसफ ने मीडिया के सामने आकर सीजेआई की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर सीजेआई दीपक मिश्रा से बात की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। हमें लगा कि देश को बताना चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय में क्या चल रहा है। अपनी बात कह कर हम देश के प्रति अपना कर्ज़ उतार रहे हैं।

जे चेलमेशवार ने बंबयी के मृत जज लो‍या के मामले का जिक्र किए बगैर कहा कि शुक्रवार सुबह भी हम सीजेआई से मिले थे लेकिन वह नहीं माने। यह केस जस्टिस अरूण मिश्रा की बेंच में लगा दिया। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चारों जजों ने एक चिट्ठी जारी की, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित सात पन्नों के पत्र में जजों ने कुछ मामलों के बेंचों में वितरण को लेकर नाराजगी जताई है। जजों का आरोप है कि सीजेआई की ओर से कुछ मामलों को चुनिंदा बेंचों और जजों को ही दिया जा रहा है। सीजेआई उस परंपरा से बाहर जा रहे हैं, जिसके तहत महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय सामूहिक तौर पर लिए जाते रहे हैं। चीफ जस्टिस केसों के बंटवारे में नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में चारों जजों ने कहा 'सीजेआई महत्वपूर्ण मामले, जो सुप्रीम कोर्ट की अखंडता को प्रभावित करते हैं, उन्हें बिना किसी तार्किक कारण के उन बेंचों को सौंप देते हैं, जो चीफ जस्टिस की पसंद की हैं। इससे संस्थान की छवि बिगड़ी है। हम ज़्यादा केसों का हवाला नहीं दे रहे हैं। एमओपी का मामला संविधान पीठ का था लेकिन सीजेआई ने यह मामला तीन जजों के सामने लगाकर खत्म कर दिया।'

सीजेआई ने नहीं दी प्रतिक्रिया  
चार जजों की मीडिया से बात के बाद सीजेआई ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कुछ अटकलें चलती रही कि सीजेआई दो बजे कुछ कहेंगे लेकिन सीजेआई ने दो बजे कोर्ट कंडक्ट किया और तीन बजे घर चले गए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Supreme Court four senior judges Held Press Conference for the very first time in the history of Indian Judiciary
महादयी नदी विवाद: गोवा सरकार ने जल मार्ग परिवर्तन का पता लगाने के लिए दल भेजायुवा दिवस: चुनौतियों के पहाड़ तो अवसरों के आकाश भी, 21वीं सदी भारत की