वकील पर हमले की जांच अपराध शाखा को सौंपे
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह एक वरिष्ठ अधिवक्ता पर हमले से जुड़े मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपें। अदालत ने कहा कि प्राथमिकी में हत्या की कोशिश की धारा भी शामिल की जानी चाहिए। स्थानीय पुलिस की जांच को लेकर आरोपों के मद्देनजर यह आदेश दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में एक वरिष्ठ अधिवक्ता पर हमले से जुड़े मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दें। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने शरीर के अहम अंगों पर लगी चोट का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्राथमिकी में हत्या की कोशिश की धारा भी शामिल की जानी चाहिए। पीठ ने कहा कि इसलिए, हम निर्देश देते हैं कि बीएनएस की धारा 109 और 118 को जोड़ा जाए। चूंकि स्थानीय पुलिस की जांच को लेकर आरोप हैं, हम पुलिस आयुक्त को निर्देश देते हैं कि वे मामला अपराध शाखा को सौंप दें।
बीएनएस की धारा 109 हत्या के प्रयास से संबंधित है जबकि धारा-118 स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से जुड़ी है। अदालत ने इससे पहले पुलिस से जांच की स्थिति रिपोर्ट तलब की थी और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि अधिवक्ता पंकज शर्मा की जान और स्वतंत्रता को कोई खतरा न हो।


