नारायण साईं की सजा पर रोक लगाने से इनकार
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम के बेटे नारायण साईं की उम्रकैद पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने साईं की अपील पर तीन महीने में फैसला करने का अनुरोध किया है। साईं की ओर से कहा गया कि दोषी ठहराए जाने के खिलाफ उनकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खुद को भगवान बताने वाले आसाराम के बेटे नारायण साईं को 2013 के दुष्कर्म मामले में मिली उम्रकैद पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट से दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ साईं की अपील पर तीन महीने में फैसला करने का अनुरोध किया। पीठ ने कहा कि यह साफ करते हैं कि याचिकाकर्ता और राज्य सरकार इसमें सहयोग करेंगे। साईं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने कहा कि जल्द निपटारे के लिए अर्जी देने के बावजूद उनकी अपील पर सुनवाई नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने साईं को छूट दी कि अगर तीन महीने में अपील पर फैसला नहीं होता है, तो वे कोर्ट आ सकते हैं। सूरत की अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के खिलाफ साईं की अपील हाईकोर्ट में लंबित है।


