देवांगना के दस्तावेज निरीक्षण संबंधी हाईकोर्ट के आदेश पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों की आरोपी देवांगना कलिता को 2020 के दंगों से जुड़े दस्तावेजों को देखने की इजाजत दी थी। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। इस मामले की सुनवाई अब दो हफ्ते बाद होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों की आरोपी देवांगना कलिता को 2020 के दंगों से जुड़ी कथित बड़ी साजिश के मामले में उन दस्तावेजों को देखने की इजाजत दी गई थी जिन पर अभियोजन पक्ष ने इस्तेमाल नहीं किया था। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने दिल्ली पुलिस की याचिका पर कलिता को नोटिस जारी किया। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के 5 जून के आदेश को चुनौती दी थी। पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि आप 10 साल में भी अपनी दलीलें पूरी नहीं करेंगे, और फिर कहेंगे कि ट्रायल में देरी हो रही है।
दिल्ली पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि जब तक आरोप तय नहीं हो जाते, कलिता किसी भी दस्तावेज की हकदार नहीं हैं। राजू ने पूछा कि वे किसी और दस्तावेज की मांग नहीं कर सकते। इस चरण में निरीक्षण का क्या मकसद है? कलिता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया है, उनकी सूची भी आरोप तय करने से पहले दी जानी चाहिए।
मामले की अगली सुनवाई
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कलिता को नोटिस जारी किया और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। अब इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।
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