ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशसिर्फ दोषारोपण चल रहा, हर कोई फाइल बढ़ा देता है; पलूशन पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट

सिर्फ दोषारोपण चल रहा, हर कोई फाइल बढ़ा देता है; पलूशन पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि पलूशन से निपटने के लिए कोई स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं हैं। इस मसले पर सिर्फ एक-दूसरे पर दोषारोपण का खेल चल रहा है। इस पर कोई ठोस ऐक्शन नहीं हुआ।

सिर्फ दोषारोपण चल रहा, हर कोई फाइल बढ़ा देता है; पलूशन पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 07 Nov 2023 11:42 AM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है। अदालत ने सरकारों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि पलूशन से निपटने के लिए कोई स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं हैं। इस मसले पर सिर्फ एक-दूसरे पर दोषारोपण का खेल चल रहा है। अदालत ने इस बीच राजस्थान सरकार को भी आदेश दिया है कि वह दिवाली के दौरान पटाखे जलाने को लेकर दिए उसके पुराने आदेश का पालन करे। कोर्ट ने कहा कि राजस्थान सरकार को एयर पलूशन कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि यह हर किसी का कर्तव्य है कि पलूशन को कम करने के लिए प्रयास करे।

कोर्ट ने कहा कि पलूशन के मामले को हर कोई आगे बढ़ा देना चाहता है। इस पर कोई कदम नहीं उठा रहा। बता दें कि दिल्ली सरकार की ओर से कई बार कहा जा चुका है कि राजधानी में पलूशन की वजह हरियाणा और यूपी पराली जलाया जाना है। इसके अलावा बाहर से आने वाले वाहनों को भी दिल्ली सरकार पलूशन का जिम्मेदार मानती है। वहीं भाजपा की ओर से दिल्ली सरकार पर पलूशन से निपटने में फेल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि राजनीतिक दलों के इसी रवैये को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यह तीखी टिप्पणी की है।

कोर्ट बोला- पटाखे बेचने और उन्हें बनाने पर ही लगानी होगी रोक

अदालत ने कहा कि लोग पटाखे खरीदते हैं तो उन्हें जलाते हैं। इसलिए उनकी बिक्री और बनने पर ही रोक लगनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि यह गलत धारणा है कि पलूशन को रोकने के लिए अदालत है। यहीं पर पर्यावरण से जुड़े मामले क्यों आते हैं। यह हर किसी की जिम्मेदारी है कि वह एयर और साउंड पलूशन को कम करे। दरअसल कोर्ट में एक अर्जी दाखिल हुई थी, जिसमें अदालत से यह मांग की गई थी कि वह राजस्थान सरकार को पलूशन रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दे। इसी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तीखी टिप्पणियां कीं। 

'सेलिब्रेशन करके पलूशन बढ़ाना तो स्वार्थी रवैया है'

जस्टिस एस बोपन्ना और एम.एम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि सबसे अहम चीज है कि लोगों को संवेदनशील बनाया जाए। उन्हें बताया जाए कि पलूशन कितना बड़ा संकट है और वे इससे निपटने में क्या मदद कर सकते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक निश्चित समय में पटाखे जलाने पर रोक लगाने से भी पलूशन कम नहीं होगा। दिवाली पर बड़े पैमाने पर पटाखे जलाए जाने को लेकर भी कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण को खराब करके सेलिब्रेशन करना भी एक तरह का स्वार्थी रवैया है। कोर्ट ने इसके साथ ही देश की सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि वे दिवाली और अन्य समय में पटाखों को जलाने पर पाबंदियां लगाएं।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें