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9 जनवरी, 2021|7:23|IST

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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- किस आदेश के आधार पर और कब तक महबूबा मुफ्ती को नजरबंद रखना चाहती है केंद्र सरकार?

mehbooba mufti

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ती से पहले जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला सहित कई नेताओं को नजरबंद कर लिया गया था। हाल ही में फारुख और उमर अब्दुल्ला को छोड़ दिया गया। लेकिन महबूबा को अभी भी नजरबंद रखा गया है। आज कोर्ट में उनकी बेटी इल्तिजा ने रिहाई के लिए याचिका दायर की।

याचिका पर सुनावाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता से पूछा कि कब तक और किस आदेश के तहत केंद्र सरकार महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रखना चाहती है। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा द्वारा दायर आवेदन पर एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिजा मुफ्ती और उनके भाई को मां महबूबा मुफ्ती से हिरासत में मिलने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा कि किसी को हमेशा हिरासत में नहीं रखा जा सकता और कोई बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को पार्टी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए अधिकारियों से अनुरोध करना चाहिए।

दरअसल, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी मां की लोक सुरक्षा कानून के तहत नजरबंदी (हिरासत) को चुनौती देने वाली याचिका दायर की है। 

महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने अपनी मां की रिहाई के लिए दायर याचिका में कहा है कि उनकी मां महबूबा मुफ़्ती को जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है। उन्हें फरवरी में इस कानून  के तहत हिरासत में लिया गया था और वह अभी तक हिरासत में ही हैं। बता दें कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूता मुफ्ती को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने संबंधी संविधान के अनुच्छेद 370 के अनेक प्रावधान समाप्त करने और इस राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभक्त करने के पिछले साल पांच अगस्त के सरकार के फैसले से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था।

इल्तिजा ने अपनी याचिका में कई आधारों पर महबूबा की नजरबंदी को चुनौती दे रखी है। इसमें कहा गया है कि नजरबंदी के लिये डोजियर तैयार करते समय पूरी तरह से ध्यान नहीं दिया गया और यह लोक सुरक्षा कानून की धारा 8(3)(बी) का उल्लंघन करता है।

इल्तिजा ने अपने आवेदन में याचिका में मांगते हुए इसे बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका मानने और केन्द्र और जम्मू कश्मीर सरकार को महबूबा को न्यायालय में पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। आवेदन में कहा गया है कि वह न्यायालय के संज्ञान में यह तथ्य भी लाना चाहती है कि उसके पहले के आदेश के तहत जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है, जिससे न्यायालय के प्रति उसके सम्मान का पता चलता है।

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  • Web Title:Supreme Court asks Solicitor General on the basis of which order and for how long the central government wants to keep Mehbooba Mufti under house arrest