समझौता न मानने पर निरस्त हो सकती है सूरजमल विवि की मान्यता
सूरजमल यूनिवर्सिटी में नर्सिंग कोर्स के छात्रों के साथ हुए समझौते का पालन न करने के आरोपों की जांच चल रही है। एडीएम पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में जांच समिति ने प्रशासन से एक सप्ताह में सभी अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। छात्रों का आंदोलन जारी है, और मान्यता निलंबन की चेतावनी दी गई है।

किच्छा, संवाददाता। सूरजमल यूनिवर्सिटी में नर्सिंग कोर्स के विद्यार्थियों के साथ हुए समझौते का पालन नहीं करने के आरोपों की जांच कर रही समिति ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाब-तलब किया है। एडीएम पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने एक सप्ताह के भीतर संबंधित अभिलेख और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि विद्यार्थियों से हुए समझौते का पालन नहीं किया गया तो यूनिवर्सिटी की मान्यता निरस्त करने पर भी विचार किया जा सकता है। सूरजमल यूनिवर्सिटी के नर्सिंग छात्र-छात्राएं लंबे समय से इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) की मान्यता संबंधी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।
इस मामले में विद्यार्थियों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच कई चरणों में वार्ता हो चुकी है। विद्यार्थियों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के चेयरमैन के साथ हुए समझौते से प्रशासन अब पीछे हट रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने एडीएम (प्रशासन) पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया था। बुधवार को समिति ने सूरजमल यूनिवर्सिटी पहुंचकर वाइस चांसलर और प्रिंसिपल से विभिन्न बिंदुओं पर जवाब मांगा, लेकिन प्रशासन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद समिति ने एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम पंकज उपाध्याय ने कहा कि समिति विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने का प्रयास करेगी। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से विद्यार्थियों के साथ हुए समझौते का पूरी तरह पालन कर उनका भविष्य सुरक्षित करने की अपील की है।
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