सूफी महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा मौका
हिन्दुस्तान, जहानाबाद
सूफी महोत्सव की तैयारियां तेज, डीएम ने की समीक्षा बैठक, सूफी महोत्सव की तैयारियां तेज, डीएम ने की समीक्षा बैठक

सूफी महोत्सव की तैयारियां तेज, डीएम ने की समीक्षा बैठक गरिमापूर्ण आयोजन के लिए अल्पसंख्यक संस्थाओं को भेजा जाएगा आमंत्रण जहानाबाद, कार्यालय संवाददाता। आगामी सूफी महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की चर्चा
बैठक में आयोजन, सुरक्षा, स्वच्छता, प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि सूफी महोत्सव का मुख्य उद्देश्य सूफी परंपरा, संतों की विरासत और प्रेम, शांति व सद्भाव के संदेश को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महोत्सव का आयोजन इस प्रकार हो जिससे सूफी संतों की स्मृति को सम्मान मिले और जिले में पर्यटन को एक नई पहचान व गति प्राप्त हो सके।समितियों का गठन
बैठक के दौरान महोत्सव के सफल संचालन के लिए कलाकार चयन समिति, क्रय एवं सत्यापन समिति सहित विभिन्न समितियों के गठन और उनके दायित्वों की समीक्षा की गई। डीएम ने अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) को योग्य कलाकारों के चयन की प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। साथ ही, जिले के उन स्थानीय कलाकारों को भी अवसर देने पर विचार करने को कहा जो सूफी संगीत का अभ्यास करते हैं।प्रतिष्ठित व्यक्तियों की भागीदारी
महोत्सव में व्यापक और गरिमापूर्ण जन-सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने सूफी बोर्ड, अल्पसंख्यक बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं व प्रतिनिधियों को विधिवत आमंत्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सूफी परंपरा से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों, धर्मगुरुओं और समुदाय के प्रतिनिधियों की भागीदारी पर विशेष बल दिया। विधि-व्यवस्था, पार्किंग तथा स्वयं सहायता समूहों के समन्वय एवं व्यवस्था हेतु अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देशित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए एसडीआरएफ की टीम, एनसीसी तथा भारत स्काउट एवं गाइड की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।सुविधाओं का ध्यान
जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, विद्युत को महोत्सव अवधि के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल को सड़क प्रबंधन, आवागमन व्यवस्था तथा आवश्यकतानुसार दुकानों एवं अस्थायी संरचनाओं के लिए एनओसी संबंधी कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। महोत्सव स्थल, पंडाल एवं दरगाह परिसर की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत काको, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी की संयुक्त समिति के माध्यम से नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। दरगाह परिसर की स्वच्छता के लिए भी पृथक रूप से जिम्मेदारी निर्धारित करने का निर्देश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन द्वारा सूफी महोत्सव का आयोजन भव्य एवं गरिमापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि सूफी संतों की विरासत को उचित सम्मान मिले, सूफी विचारधारा के प्रेम एवं सद्भाव के संदेश का प्रसार हो तथा जहानाबाद के पर्यटन को भी प्रोत्साहन प्राप्त हो। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। फोटो- 28 अगस्त जेहाना- 22 कैप्शन- जिले के काको में आयोजित होने वाले सूफी महोत्सव को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करती डीएम छिरिड वाई भूटिया।सामान्य प्रश्न
✦सूफी महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्या है?−
सूफी महोत्सव का मुख्य उद्देश्य सूफी परंपरा, संतों की विरासत और प्रेम, शांति व सद्भाव के संदेश को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना है।
✦बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा की गई?+


