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28 अक्तूबर, 2020|5:36|IST

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सुदर्शन टीवी शो: सुप्रीम कोर्ट का विवादित एपिसोड देखने से इनकार, पूछा- क्या हस्तक्षेप कर सकती है सरकार?

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सुप्रीम कोर्ट ने सुदर्शन न्यूज के 'बिंदास बोल' कार्यक्रम के विवादित एपिसोड देखने से सोमवार को इनकार कर दिया, साथ ही केंद्र सरकार से पूछा कि क्या कोई ऐसा कानून है जिसके तहत सरकार ऐसे कार्यक्रमों में हस्तक्षेप कर सकती है?

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि क्या कानून के अनुसार सरकार इसमे हस्तक्षेप कर सकती है?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'आज कोई ऐसा कार्यक्रम है जो आपत्तिजनक नहीं है? कानून के अनुसार सरकार इसमें हस्तक्षेप कर सकती है? रोजाना लोगों की आलोचना होती है, निंदा होती है और लोगों की छवि खराब की जाती है?”

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उन्होंने मेहता से पूछा कि क्या केंद्र सरकार ने चार एपिसोड के प्रसारण की अनुमति देने के बाद कार्यक्रम पर नजर रखी? इससे पहले, न्यायालय ने सुदर्शन न्यूज के हलफनामे पर आपत्ति जताई। साथ ही उसके एपिसोड देखने से इनकार कर दिया।

बता दें कि बिंदास बोल कार्यक्रम के प्रोमो में दावा किया गया है कि सरकारी सेवाओं में मुस्लिमों की घुसपैठ का बड़ा खुलासा किया जाएगा। पिछली बार शीर्ष अदालत ने कार्यक्रम को लेकर की शिकायत पर सुनवाई करने के दौरान कहा कि चैनल खबर दिखाने को अधिकृत है, लेकिन पूरे समुदाय की छवि नहीं बिगाड़ सकता और इस तरह के कार्यक्रम कर उन्हें अलग-थलग नहीं कर सकता।

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मामले की सुनवाई कर रही पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा था, 'यह वास्तविक मुद्दा है। जब भी आप उन्हें प्रशासनिक सेवा से जुड़ते दिखाते हैं, आप आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) को दिखाते हैं। आप कहना चाहते हैं कि प्रशासनिक सेवा से मुस्लिमों का जुड़ना गहरी साजिश का हिस्सा है। क्या मीडिया को एक पूरे समुदाय को निशाना बनाने की अनुमति दी जा सकती है?''

गौरतलब है कि 15 सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने अगले आदेश तक चैनल द्वारा 'बिंदास बोल के एपिसोड का प्रसारण करने पर रोक लगा दी थी। न्यायालय ने कहा कि प्रथमदृष्टया लगता है कि कार्यक्रम के प्रसारण का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को 'बदनाम करना है।

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  • Web Title:Sudarshan TV Show: Supreme Court refuses to watch disputed episode asked Can the govt interfere in TV programs