यूपीयूएमएस में दुर्लभ एकलेशिया कार्डिया’ का दूरबीन विधि से किया ऑपरेशन
इटावा में यूपीयूएमएस सैफई के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में एक मरीज का सफल उपचार किया गया, जो एकलेशिया कार्डिया नामक दुर्लभ मोटिलिटी बीमारी से पीड़ित था। मरीज ने भोजन निगलने में कठिनाई और रात में खांसी की शिकायत की थी। जांच के बाद लैपरोस्कोपिक सर्जरी की गई, जो सफल रही।

इटावा। यूपीयूएमएस सैफई के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में भोजन निगलने में गंभीर कठिनाई से पीड़ित एक मरीज का सफल उपचार किया गया। मरीज एकलेशिया कार्डिया नामक इसोफेगस (भोजन नली) की एक दुर्लभ मोटिलिटी बीमारी से कई सालों से पीड़ित था। इस समस्या के निदान के लिए 32 साल का पुष्पेंद्र कुमार गैस्ट्रों सर्जरी की ओपीडी में गैस्ट्रो सर्जन डा.कन्हैया लाल चौधरी को दिखाने आया था। मरीज को लंबे समय से भोजन निगलने में परेशानी हो रही थी। भोजन करने के बाद खाने के कण मुंह अथवा भोजन नली में रुके रहने की समस्या के साथ-साथ उसे विशेष रूप से रात में खांसी की शिकायत भी रहती थी। जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श के बाद मरीज में एकलेशिया कार्डिया की समस्या की पहचान की गई और आवश्यक उपचार की योजना बनाई गई।
बिमारी की पहचान
डॉक्टर ने इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए लैपरोस्कोपिक विधि से इस जटिल रोग की सर्जरी करने का निर्णय लिया।
एकलेशिया कार्डिया के लक्षण
एकलेशिया कार्डिया भोजन नली की एक दुर्लभ मोटिलिटी बीमारी है, जो एक लाख लोगों में किसी एक में पाई जाती है जिसमें भोजन को पेट तक पहुंचाने वाली सामान्य प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। इसके कारण मरीज को तरल भोजन निगलने में कठिनाई, भोजन के वापस आने तथा रात में खांसी जैसी समस्याएं होती है। समय पर उचित जांच एवं विशेषज्ञ उपचार से मरीज को इन परेशानियों से राहत मिल जाती है।
उपचार प्रक्रिया
गैस्ट्रो सर्जन डा. कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि ऐसे जटिल मामलों में सही समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण है। मरीज की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद आवश्यक शल्य चिकित्सा उपचार किया गया जो सफल रहा। उपचार के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक है और उसे भोजन निगलने में होने वाली परेशानी से राहत मिली है।इस शल्य प्रकिया को बेहद जटिल एवं अत्याधुनिक माना जाता है ।


