टीबी खोज अभियान बढ़ा, लेकिन प्रोत्साहन राशि सालभर से अटकी
अलीगढ़ में चलाए जा रहे 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत प्रदेश में 1,92,508 नए मरीज चिह्नित किए गए हैं। अलीगढ़ में 5,524 नए मरीज मिले हैं जबकि प्रोत्साहन राशि में देरी से अभियान की रफ्तार धीमी हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि तकनीकी समस्याओं का समाधान होते ही भुगतान प्रक्रिया तेज की जाएगी।

अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा 100 दिवसीय विशेष खोज अभियान मरीजों की पहचान के लिहाज से सफल साबित हो रहा है। अभियान के दौरान अब तक प्रदेशभर में 1,92,508 नए मरीज चिह्नित किए जा चुके हैं। अलीगढ़ में 5,524 नए मरीज मिले हैं, जबकि लगभग 12 हजार मरीजों का उपचार जारी है। इसके बावजूद अभियान की रफ्तार पर भुगतान व्यवस्था भारी पड़ रही है।
भुगतान संबंधी समस्याएं
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मरीजों को प्रोत्साहन राशि नहीं
मरीजों को भी उपचार अवधि में मिलने वाली एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि समय पर नहीं मिल पा रही है, जिससे पोषण और उपचार संबंधी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान पूरी गति से जारी रहेगा , लंबित भुगतान को तकनीकी समस्याएं दूर होते ही जारी करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर भी निक्षय पोर्टल के जरिए टीबी रोगियों का पंजीकरण, उपचार और डीबीटी भुगतान किया जाता है। लेकिन, पोर्टल को नए फीचर्स के साथ अपग्रेड किए जाने के दौरान कई राज्यों में भुगतान संबंधी तकनीकी चुनौतियां सामने आई हैं।
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प्रदेश में 33,26,799 लोगों की स्क्रीनिंग
अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश में 33,26,799 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 1,92,508 नए मरीज मिले, 53,967 मरीज ऐसे भी, जिनमें टीबी के लक्षण नहीं पाए गए। वहीं, अलीगढ़ में कुल स्क्रीनिंग 54,897 दर्ज की गई। इनमें 5,524 नए मरीज मिले। 1,908 मरीज ऐसे थे, जिनमें टीबी के लक्षण नहीं थे।
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सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Lokesh Sharmaसंक्षिप्त परिचय लोकेश शर्मा पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान समूह) में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
लोकेश शर्मा प्रिंट मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्हें पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं और प्रमुख रूप से स्वास्थ्य विभाग देख रहे हैं। खोजी पत्रकार के रूप में उन्होंने पाठकों की रुचि और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कार्य यात्रा
लोकेश शर्मा ने अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत वर्ष 2010 में दैनिक जागरण से की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बुनियादी समझ विकसित की। वर्ष 2010 से 2013 तक हाथरस में सक्रिय संवाददाता रहे। इसके बाद अलीगढ़ में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य करते हुए लगभग छह वर्षों तक अपराध और न्यायालय संबंधी विषयों की गहन रिपोर्टिंग की। जनवरी 2025 से वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और वर्तमान में स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पिछले एक साल में तीन अभियान चलाए, जिनका व्यापक असर हुआ।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि एवं रिपोर्टिंग क्षेत्र
राजनीति शास्त्र में स्नातक और जनसंचार में परास्नातक शिक्षा ने उन्हें राजनीति और पत्रकारिता की समझ का संतुलित दृष्टिकोण प्रदान किया। विभिन्न विषयों पर पकड़ के साथ वे कृषि, चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सत्यापित व अनुसंधान आधारित व्याख्यात्मक समाचार लिख रहे हैं।
विजन
लोकेश शर्मा का मानना है कि पत्रकारिता की वास्तविक शक्ति तथ्यपरकता और विश्वसनीयता में निहित है। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है।


