पीयूजेओ से निष्क्रिय किडनी को बाहर निकाला
धनबाद के एसएनएमएमसीएच में यूरोलॉजी विभाग ने जन्मजात पेल्वी-यूरेटरिक जंक्शन ऑब्स्ट्रक्शन के कारण निष्क्रिय हो चुकी 23 वर्षीया युवती की बाईं किडनी का सफल ऑपरेशन किया। यह अस्पताल में इस तरह की पहली सर्जरी थी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने यह सर्जरी की, जिससे युवती को राहत मिली।

धनबाद, प्रमुख संवाददाता। एसएनएमएमसीएच स्थित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के यूरोलॉजी विभाग ने जन्मजात पेल्वी-यूरेटरिक जंक्शन ऑब्स्ट्रक्शन (पीयूजेओ) के कारण निष्क्रिय हो चुकी 23 वर्षीया युवती की बाईं किडनी का सफल ऑपरेशन कर उसे निकालने में सफलता हासिल की। अस्पताल में इस तरह की सर्जरी पहली बार हुई है। वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ गौरव प्रकाश ने सर्जरी की। युवती लंबे समय से कमर की बाईं ओर लगातार दर्द से परेशान थी। चिकित्सीय जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि जन्मजात रुकावट के कारण मरीज की बाईं किडनी काम नहीं कर रही है और उसे बचाना संभव नहीं है। इसके बाद मरीज की लेफ्ट नेफ्रेक्टॉमी (बाईं किडनी निकालने का ऑपरेशन) करने का निर्णय लिया गया।
ऑपरेशन का नेतृत्व यूनिट हेड डॉ डीके गिंदौरिया ने किया। टीम में डॉ गौरव प्रकाश, डॉ विद्या तथा जूनियर रेजिडेंट डॉ मानसी शामिल थीं। समय पर उपचार से किडनी को बचाना संभव: वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ गौरव प्रकाश ने बताया कि यदि जन्मजात पीयूजेओ की समय पर पहचान और उपचार हो जाए तो कई मामलों में किडनी की कार्यक्षमता को बचाया जा सकता है। लोगों से अपील की कि कमर के एक तरफ लगातार दर्द, बार-बार मूत्र संक्रमण या पेशाब संबंधी किसी समस्या को नजरअंदाज न करें।


