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65 की उम्र में भी जवानी सा तेज दौड़ेगा दिमाग, वैज्ञानिकों की बताई ये डाइट करें फॅालो

हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया है कि अपने खानपान में कुछ बदलाव कर लेने से हमारे दिमाग की उम्र को जल्दी बढ़ने से रोका जा सकता है। साथ ही बुढ़ापे में होने वाली दिमागी बिमारियों से भी।

65 की उम्र में भी जवानी सा तेज दौड़ेगा दिमाग, वैज्ञानिकों की बताई ये डाइट करें फॅालो
Anmolलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीThu, 30 May 2024 03:39 PM
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विज्ञान में इस बात पर सहमति तो बन ही चुकी है कि हमारे खानपान का सीधा असर हमारे दिमाग पर होता है। इसलिए हमेशा ही अच्छा ,ताजा और पोषक तत्वों से भरा हुआ खाना खाने पर जोर दिया जाता है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक शोध में भी इसी बात पर जोर दिया है। इस शोध के जरिए उन्होंने पाया है कि अगर हम अपने खानपान में कुछ जरूरी बदलाव कर लेते हैं तो हमारे दिमाग की उम्र को जल्दी बढ़ने से रोका जा सकता है।

दरअसल, जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है उसके साथ ही हमारे दिमाग की उम्र भी बढ़ने लगती है। बढ़ती उम्र के साथ हमारा दिमाग कमजोर होने लगता है। हमारी याददाश्त धीमी हो जाती है और थोड़ी सी भी जटिल चीजों को समझने में हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

वैज्ञानिकों ने सुझाई ये डाइट 

वैज्ञानिकों ने इस शोध में पाया है कि मेडिटेरेनियन (भूमध्यसागरीय) शैली का आहार जैसे मछलियां, जैतून का तेल, फल, सब्जियां, साबुत अनाज आदि अपने खानपान में शामिल करने से हमारा दिमाग लंबे समय तक जवान रहता है। बढ़ती उम्र के बाद भी हमारी याददाश्त ठीक रहती है। ये सभी चीजें हमारे दिमाग को लंबे समय तक तेज तर्रार बनाए रखने में मदद करती हैं। 

इसके साथ ही वैज्ञानिकों ने पाया है कि कुछ पोषक तत्व जैसे फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स ( जैसे विटामिन ई), कैरोटीनॉयड ( ये रंगीन सब्जियों और फलों में पाए जाते हैं) और कोलीन ( अंडे और सोयाबीन में पाया जाता है), दिमाग की उम्र को धीमी गति में बढ़ाते हैं। जिन लोगों के आहार में अधिक मात्रा में इन पोषक तत्वों की भरमार थी उनके दिमाग की उम्र उनकी उम्र से काफी धीमी गति से बढ़ रही थी। उनका दिमाग औरों की तुलना में अधिक तेज था। वे चीजों को याद रख पाने में अधिक सक्षम थे। 

एनपीजे एजिंग में प्रकाशित हुए इस हालिया अध्यन में 65 से 75 साल की उम्र वाले लोगों को शामिल किया गया है। इसमें उनके खानपान की आदतों पर ध्यान दिया गया ताकि पता लगाया जा सके कि उनके खाने और उनके दिमाग की उम्र के बढ़ने के बीच क्या कोई संबंध है। 

हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इस विषय पर और अध्ययन की जरूरत है। फिलहाल इस शोध से यह तो साफ है कि हमारे खानपान का सीधा और बहुत साफ असर हमारे दिमाग पर देखने को मिलता है। बहुत छोटे छोटे बदलाव करने से न केवल हम हमारे मस्तिष्क को लंबे समय तक तेज तर्रार रख सकते हैं बल्कि बढ़ती उम्र के साथ अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों से भी अपना बचाव कर सकते हैं।