छात्राओं का आंदोलन चिंताजनक ,आवासीय विद्यालयों की हो पूर्ण एवं निष्पक्ष जांच : कांग्रेस
छात्राओं का आंदोलन चिंताजनक ,आवासीय विद्यालयों की हो पूर्ण एवं निष्पक्ष जांच : कांग्रेस

कोडरमा, हमारे प्रतिनिधि। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सतगावां की छात्राओं द्वारा अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर प्रखंड कार्यालय का घेराव किया जाना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक मामला है। यह बातें कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश रजक ने कही है। उन्होंने कहा कि कड़ी धूप और भीषण गर्मी में विद्यालय की छात्राओं के प्रखंड कार्यालय पहुंचने के दौरान कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने तथा कुछ छात्राओं के बेहोश होकर गिरने की घटना ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अध्यक्ष प्रकाश रजक ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिन बच्चियों को सरकार द्वारा बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और सम्मानजनक आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है, यदि वही बच्चियां अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरने और प्रखंड कार्यालय का घेराव करने को मजबूर हों, तो यह पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
छात्राओं की समस्याएं
उन्होंने कहा कि छात्राओं के अनुसार विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता नहीं है तथा शिक्षा एवं अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर भी कई समस्याएं हैं। 15 अगस्त को विद्यालय में उपस्थित जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी छात्राओ ने अपनी बात पहुंचाई, लेकिन जब उनकी शिकायतों का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। यह स्थिति बताती है कि बच्चियों की शिकायतों को प्रारंभिक स्तर पर ही गंभीरता से सुनने और समाधान करने की व्यवस्था प्रभावी नहीं है।
शिक्षा का महत्व
प्रकाश रजक ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि गरीब, वंचित एवं ग्रामीण परिवारों की बच्चियों के भविष्य की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वहन करने वाली संस्था है। ऐसे विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, आवासीय सुविधा और मानसिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
जांच की मांग
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि सतगावां कस्तूरबा विद्यालय की घटनाओं की तत्काल उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान छात्राओं से बिना किसी दबाव के अलग-अलग बातचीत कर उनकी वास्तविक समस्याओं को दर्ज किया जाए तथा विद्यालय में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या, शिक्षण व्यवस्था, छात्रावास की स्थिति, भोजन एवं पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी विस्तृत जांच की जाए।
समग्र समीक्षा की आवश्यकता
उन्होंने आगे कहा कि केवल सतगावां ही नहीं, बल्कि कोडरमा जिले में संचालित सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों एवं अन्य आवासीय विद्यालयों की भी व्यापक समीक्षा एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


