छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग की पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कड़ी निंदा की
दिल्ली के जंतर-मंतर में नीट पेपर लीक मामले में न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग की पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार छात्रों की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की है।

जमशेदपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग की पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अपने भविष्य की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ना और बल प्रयोग करना केंद्र सरकार की संवेदनहीनता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ जिस प्रकार का दमनात्मक व्यवहार किया गया, वह भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में जनता और विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, आज देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। किसान अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और अग्निवीर जैसी योजनाओं ने युवाओं एवं जवानों के भविष्य को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सरकार इन वर्गों की चिंताओं को सुनने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है。
नीट पेपर लीक पर प्रतिक्रिया
नीट पेपर लीक ने देश के लाखों छात्रों का विश्वास तोड़ा है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें तथा नीट पेपर लीक, व्यापम सहित सभी भर्ती एवं परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
छात्रों और युवाओं की आवाज़
उन्होंने कहा, सरकार को छात्रों, युवाओं, किसानों और जवानों की आवाज़ सुननी चाहिए, न कि दमन के बल पर उसे दबाने का प्रयास करना चाहिए। जनता सब देख रही है और लोकतांत्रिक तरीके से इसका उचित जवाब देगी।
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