पीयू : मांगों के लिए एआईएसएफ का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू
पटना विश्वविद्यालय में छात्रों की 10 सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार से शुरू हुआ। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। वे नफरत फैलाने की बजाय छात्रों की विभाजित मांगों का समाधान चाहते हैं।

पटना विश्वविद्यालय में छात्रों की 10 सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार से पटना विवि के सीनेट हॉल में शुरू हुआ। शुरुआत तीन छात्र नेताओं बिट्टू भारद्वाज, प्रिंस राज एवं किशलय को माला पहना की गई।
अन्य छात्र नेताओं का समर्थन
भाकपा नेता शंभू ने हड़ताल का समर्थन करते हुए पीयू के कुलपति पर तानाशाह व्यवहार करने का आरोप लगाया। कहा कि यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। एआईएसएफ के पटना जिला सचिव मीर सैफ अली ने कहा कि पीयू देश के सातवें सबसे पुराने विवि में से एक है और इसकी गौरवशाली परंपरा रही है। यदि एलएलबी प्रवेश परीक्षा रद्द नहीं की गई और पीजी में फीस वृद्धि को अविलंब वापस नहीं लिया गया, तो एआईएसएफ आंदोलन को और व्यापक करेगा।
परीक्षा प्रश्नपत्र के लीक होने का आरोप
छात्र नेता बिट्टू भारद्वाज ने कहा कि पिछले दिनों पटना विश्वविद्यालय की एलएलबी प्रवेश परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित होने लगा था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र बाहर आने की बात स्वीकार की, लेकिन परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पुनः परीक्षा आयोजित कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद एआईएसएफ ने लगातार आंदोलन कर विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही की मांग की। कहा कि पीयू में पीजी फीस में व्यापक वृद्धि, अब तक एमएफए की पढ़ाई शुरू नहीं होने, सेंट्रल लाइब्रेरी को 24×7 शुरू करने और परिसर में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सहित छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर संगठन लगातार संघर्षरत है। आरोप लगाया कि विवि प्रशासन छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रहा है।
छात्रों का समर्थन
अधिवक्ता शगुफ्ता रशीद ने कहा कि वह छात्रों की मांगों का समर्थन करती है।


