एनआईपीवीडी में छात्रों का हंगामा, कक्षाओं का बहिष्कार कर धरने पर बैठे
देहरादून के एनआईपीवीडी में छात्रों ने कक्षाएं बंद कर धरना शुरू किया। करीब 74 छात्रों ने निदेशक की नियुक्ति, लंबित वित्तीय सहायता, और अन्य सुविधाओं की मांग की। छात्रों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से मदद नहीं मिली। छात्रों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया। प्रधानाचार्य ने वार्ता के लिए तत्परता जताई।

देहरादून। राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईपीवीडी) में विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने गुरुवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में करीब 74 छात्र शामिल रहे। छात्रों ने पहली से 12वीं तक की कक्षाएं बंद कराते हुए संस्थान में नियमित निदेशक की नियुक्ति, लंबित वित्तीय सहायता जारी करने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। छात्रों का आरोप है कि नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पिछले तीन वर्षों से मिलने वाली वित्तीय सहायता नहीं दी गई है। वहीं, पढ़ाई में उपयोग होने वाली सहायक सामग्री (एसेसरीज) और पुस्तकों के शुल्क में 36 रुपये से बढ़ाकर 1036 रुपये तक की वृद्धि कर दी गई है।
छात्रों ने हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर लैब में वाई-फाई, बेहतर साफ-सफाई, ऑडिटोरियम और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है।उधर, प्रधानाचार्य अमित शर्मा ने बताया कि संस्थान प्रशासन छात्रों से वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन छात्र अपने परिजनों को तत्काल बुलाने की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगें व्यवस्थित रूप से लिखित में भी नहीं दे रहे हैं। कार्यकारी निदेशक प्रदीप ए. ने कहा कि परिजनों से भी बातचीत करनी होगी और आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं मौके पर पहुंचकर छात्रों से संवाद करेंगे, ताकि समस्या का समाधान निकाला जा सके।


