पेपर लीक के विरोध में निकाला प्रतिरोध मार्च, छात्रों ने बुलंद की आवाज
सर, फोटो भी है। -परिवर्तन चौक से शहीद स्माकर तक हाथ में तख्ती लेकर

दिल्ली में चल रहे नीट पेपर लीक के विरोध में लखनऊ में जेन जी और सिविल सोसाइटी संग छात्रों ने प्रतिरोध मार्च निकाला। आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को राजधानी की सड़कों पर उतरकर छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए परिवर्तन चौक से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च किया। इस दौरान सैकड़ों छात्र और छात्र संगठनों से जुड़े युवाओं ने शिक्षा और रोजगार मुद्दे पर हुंकार भरी। प्रतिरोध मार्च शुक्रवार शाम करीब चार बजे परिवर्तन चौक से शुरू होकर शहीद स्मारक तक पहुंचा। मार्च में शामिल छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पेपर लीक की घटनाओं पर कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनकी वर्षों की मेहनत बेकार हो रही है। छात्रों ने मांग की कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में हुए सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रतिरोध मार्च में प्रमुख रूप से सुधांशु बाजपेई, महेंद्र कुमार यादव, शांतम निधि, समर,अनिल यादव मास्टर, अंकित गुप्त, प्रदीप शर्मा, अब्दुल वहाब, क्रांति कुमार सिंह, दीपक कबीर, अहमद रजा, विशाल सिंह, ज्योति राय, प्रिंस प्रकाश समेत हजारों की संख्या में छात्र मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो आंदोलन होगा
छात्रों ने शिक्षा मंत्री और गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग भी की। मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रही। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन शहीद स्मारक पर संविधान, शिक्षा के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लेते हुए राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। उपस्थित छात्रों और युवाओं ने शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने तथा छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।
आंदोलनकारियों ने पांच प्रमुख मांगें रखीं
-केंद्रीय शिक्षा मंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री तत्काल इस्तीफा दें।
-पेपर लीक मामलों की जवाबदेही व दोषियों पर कार्रवाई हो।
-छात्रों पर मुकदमे वापस लें, पुलिस के विरुद्ध कार्रवाई हो।
-आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा मिले।
-लविवि समेत सभी शिक्षण संस्थानों में फीस वृद्धि वापस हो。
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