मुफ्त नीट कोचिंग से चमके गरीब परिवारों के सपने, सात विद्यार्थियों ने नीट यूजी 2026 में पाई सफलता
बरेली। आर्थिक तंगी अब प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपनों में बाधा नहीं बनेगी। दरगाह आला हजरत से संबद्ध सोसायटी ने निशुल्क नीट कोचिंग कार्यक्रम में सात विद्यार्थियों को सफलता दिलाई है। सोसायटी ने आर्थिक रूप से कमजोर 200 मेधावी विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया है।
बरेली। आर्थिक तंगी अब प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपनों में बाधा नहीं बनेगी। इसी सोच को साकार करते हुए दरगाह आला हजरत से संबद्ध आला हजरत ताजुश्शरिया वेलफेयर सोसायटी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सोसायटी की ओर से जनकपुरी स्थित डेल्टा क्लासेस में संचालित निशुल्क नीट कोचिंग कार्यक्रम से इस वर्ष सात विद्यार्थियों ने नीट यूजी-2026 परीक्षा में सफलता हासिल की है। इनमें कई छात्रों का सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लगभग तय माना जा रहा है। सोसायती ने इस वर्ष आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 200 मेधावी विद्यार्थियों को पूरी तरह निशुल्क कोचिंग, टेस्ट सीरीज, व्यक्तिगत काउंसलिंग और विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया।
गुणवत्तापूर्ण तैयारी का ही परिणाम रहा कि कई छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। इस वर्ष साजिद अंसारी ने ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 2118 हासिल कर संस्था का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इसके अलावा सलीम अहमद, अल्फैज़, मुशाहिद हुसैन, अफ़ज़ल हुसैन, आतिफ़, ज़ोहिब खान, राजेंद्र कुमार और विपिन गंगवार ने भी बेहतर प्रदर्शन कर संस्था का नाम रोशन किया।
गरीबी नहीं बनेगी सपनों की दीवार
सोसायटी के संस्थापक एवं भारत गौरव रत्न से सम्मानित फरमान हसन खान ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक या धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब और वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़कर उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी बनाना है। उन्होंने बताया कि संस्था की मदद से पिछले कुछ वर्षों में 50 से अधिक विद्यार्थी देश के विभिन्न सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘जब किसी मजदूर, किसान, रिक्शा चालक या दिहाड़ी मजदूर का बेटा या बेटी डॉक्टर बनता है, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है।’ उनका कहना है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और अवसर देने की है।
अनुभवी शिक्षकों ने दिलाई सफलता
जनकपुरी स्थित डेल्टा क्लासेस के निदेशक सैयद जसीम के नेतृत्व में अनुभवी शिक्षकों ने नियमित कक्षाएं, टेस्ट, व्यक्तिगत काउंसलिंग और परीक्षा आधारित तैयारी कराई। संस्था का मानना है कि हर मेधावी छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए। सोसायटी ने बताया कि 24 जुलाई से मुफ्त नीट कोचिंग का नया बैच शुरू किया जाएगा। सीमित सीटों वाले इस बैच में आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्र अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार कर सकें।


