धनबाद में मिट्टी की सेहत जांचेंगे स्कूली बच्चे
धनबाद में स्कूली बच्चे मिट्टी की सेहत जांचने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इस परियोजना के तहत आठ स्कूलों का चयन किया गया है। छात्रों को कृषि विज्ञान से जुड़कर कुशल पेशेवर बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशिक्षण में नमूने लेना और टेस्टिंग किट के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

धनबाद, अमित वत्स। जिले के स्कूली बच्चे मिट्टी की सेहत जांचेंगे। विद्यार्थियों को मिट्टी जांच का प्रशिक्षण मिलेगा। वित्तीय वर्ष-2026-27 के तहत स्कूल स्वॉयल हेल्थ मिशन के तहत जिले के आठ स्कूलों का चयन किया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर यह सूचना दी है। कहा गया कि नेशनल मिशन ऑन स्वॉयल हेल्थ फर्टिलिटी योजना के तहत धनबाद में निदेशालय स्तर पर विद्यालयों का चयन किया गया है। इस क्रम में चयनित विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षत व्यक्तियों के माध्यम से प्रशिक्षण कार्य किया जाना है। विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षण की तिथि निर्धारित कर रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न किया जा सके। अब जल्द ही जिला शिक्षा विभाग की ओर से कृषि विभाग से समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है。
चयनित स्कूलों का नाम
चयनित स्कूलों का नाम: कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बलियापुर, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय झरिया, महेंद्र उच्च विद्यालय बरवापूर्व गोविंदपुर, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बिराजपुर गोविंदपुर, उत्क्रमित उच्च विद्यालय सुंदर पहाड़ी पूर्वी टुंडी, उत्क्रमित उच्च विद्यालय डांगेपाड़ा बलियापुर, उत्क्रमित उच्च विद्यालय दुमदुमी तोपचांची और प्लस टू उच्च विद्यालय धनबाद का चयन किया गया है।
प्रशिक्षण का छात्रों को क्या मिलेगा फायदा
प्रशिक्षण का छात्रों को क्या मिलेगा फायदा: जानकारों का कहना है कि स्कूली छात्रों को कृषि विज्ञान और आधुनिक तकनीक से जुड़कर भविष्य में कृषि वैज्ञानिक या कुशल पेशेवर बनने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। खेतों की मिट्टी की जांच करके किसानों को सही और संतुलित मात्रा में खाद, उर्वरक चुनने की सलाह दे सकते हैं। स्कूली छात्रों को प्रशिक्षण में नमूने लेने, टेस्टिंग किट समेत अन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। घर में बागवानी करने में भी प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।


