बैंकों की हड़ताल से साढ़े तीन सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित
मुजफ्फरपुर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हुए एक दिवसीय हड़ताल से बैंकिंग व्यवस्था प्रभावित हुई। 240 से अधिक शाखाएं बंद रहीं, जिससे उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेन-देन में करीब 350 करोड़ रुपये का नुकसान होने की जानकारी दी गई।

मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (अ) के आह्वान पर शुक्रवार को आयोजित एक दिवसीय हड़ताल का असर जिले में बैंकिंग व्यवस्था पर पड़ा। जिले में सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की 240 से अधिक शाखाओं के बंद रहने से उपभोक्ताओं को परेशान हुई। हालांकि, निकासी व भुगतान के लिए एटीएम कियोस्क या नेट बैंकिंग से उनको राहत मिली। इस बंदी से बड़े व्यवसायिक लेनदेन पूरी तरह से प्रभावित रहे। यूनियन नेताओं ने करीब 350 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन के प्रभावित होने की बात कही है।
यूनियन नेताओं का दावा
यूनियन के संयोजक मनोरंजनम ने दावा किया जिले में बैंकों की सभी शाखाओं में काम-काज पूरी तरह ठप रहा। उन्होंने सरकार और भारतीय बैंक संघ (आईबीएफ) पूरी तरह बैंक कर्मचारियों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। पूर्व में किए गए समझौतों को भी लंबित रखा गया है। इसमें पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के अलावा पीएलआई योजना में भेदभावपूर्ण बदलाव सहित अन्य समझौते शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कि अब भी सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आगामी 28 से 30 सितंबर तक पूरे देश में फिर से हड़ताल होगी। वहीं, बिहार स्टेट सेंट्रल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि ब्रिक्स देशों में एकमात्र भारत ही ऐसा देश है, जहां छह दिनों को बैंकिंग कार्य सप्ताह है। अन्य पांच देशों में पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली ही चलती है।
सभी शाखाओं में ठप कार्यकर्म
इधर, हड़ताल का लेकर विभिन्न बैंकों के कर्मचारी तथा स्केल-III तक के अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों के समक्ष सुबह 9 बजे से ही धरने पर बैठ गए। इससे बैंक शाखाओं तक पहुंचे उपभोक्ताओं को निराशा हाथ लगी। उनको खाली हाथ लौटना पड़ा। प्रदर्शन में विभिन्न बैंक अधिकारी संगठनों एवं कर्मचारी यूनियनों के नेताओं मनोरंजनम, पंकज कुमार ठाकुर, एसएन सिंह, मनीष कुमार, अभिषेक, धीरज कुमार, गोविंद कुमार, सर्वेश, संजय कुमार, प्रिया गुप्ता, पूजा शर्मा, कुमारी शिखा सहित अन्य शामिल थे。


