बायोमेट्रिक हाजिरी में डॉक्टरों और कर्मचारियों की कोताही, प्राचार्य ने दे दी सख्त चेतावनी
दून मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी में लापरवाही के चलते सख्त कदम उठाए गए हैं। प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मचारियों की हाजिरी अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज होनी चाहिए। अनुपस्थित दिनों का वेतन नहीं मिलेगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी में लापरवाही सामने आने के बाद सख्ती की जा रही है। कई डॉक्टर और कर्मचारी नियमित रूप से बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं करा रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने तो पूरे महीने में केवल 10 से 12 दिन ही हाजिरी दर्ज कराई है। प्राचार्य ने सभी एचओडी को जारी पत्र में ऐसा कहा है, उन्होंने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने सभी विभागाध्यक्षों और प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी किए हैं। प्राचार्य ने कहा कि सभी चिकित्सक, संकाय सदस्य, अधिकारी, सीनियर और जूनियर रेजीडेंट, ट्यूटर, नर्सिंग अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मेसी कर्मचारी, नॉन-टीचिंग स्टाफ समेत सभी कर्मचारियों की हाजिरी अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज होनी चाहिए।
आदेश में कहा गया कि विभागाध्यक्ष मासिक हाजिरी का सत्यापन बायोमेट्रिक रिकॉर्ड से करेंगे। इसके अनुसार वेतन आहरण के लिए विवरण प्राचार्य कार्यालय भेजा जाएगा। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि जिन डॉक्टरों या कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं मिलेगी, उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बायोमेट्रिक में दर्ज अनुपस्थित दिनों का वेतन भी जारी नहीं किया जाएगा।
लेखक के बारे में
Chand Mohammadशॉर्ट बायो : चांद मोहम्मद पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में देहरादून यूनिट में बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्य कर रहे है।
परिचय एवं अनुभव
चांद मोहम्मद हिंदी पत्रकारिता में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 11 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान अखबार में देहरादून में कार्यरत है और हेल्थ रिपोर्टिंग कर रहे है। वह पिछले आठ साल से हिंदुस्तान से जुड़े है। स्वास्थ्य रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
चांद ने अपने करियर की शुरुआत 2015 में अमर अखबार देहरादून से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2018 में उन्होंने हिंदुस्तान ज्वाइन किया। वर्तमान में वह हेल्थ, मेडिकल एजुकेशन, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी रिपोर्टिंग के अलावा देहरादून हिंदुस्तान में सह सिटी प्रभारी और सह अपराध संवाददाता की भूमिका में है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
चांद बी कॉम और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट है। वह यूपी के मुजफ्फरनगर के छोटे से गांव भंगेला से है। समाज के वंचित लोगों की आवाज उठाने, मरीजों की पीड़ा बयां करना उनका एक जज्बा बयां करता है। कोविड के दौरान उन्होंने पीड़ा बताती और सिस्टम पर प्रहार करती रिपोर्टिंग की। मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर उन्होंने काफी काम किया है। लगातार जागरूकता परक और रिसर्च बेस्ड स्टोरी हेल्थ और मौसम पर करते है।
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