अभी तक जिले के 57 निजी विद्यालयों ने शुरू भी नहीं की अपार आईडी बनाना
अभी तक जिले के 57 निजी विद्यालयों ने शुरू भी नहीं की अपार आईडी बनाना अभी तक जिले के 57 निजी विद्यालयों ने शुरू भी नहीं की अपार आईडी बनाना

सख्ती के बाद भी जिले में अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री ) निर्माण की गति धीमी है। 61.5 फीसदी बच्चों का अपार जेनरेट हो सका है। अभी भी दो लाख से अधिक बच्चों का अपार आईडी नहीं बन सकी है। ऐसी स्थिति हो लेकर पिछले सप्ताह 95 सरकारी विद्यालयों के वेतन पर रोक लगा दी गई है। अब शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों पर शिकंजा कसा है। जिले में अभी तक 57 ऐसे निजी विद्यालयों हैं, जहां अभी तक अपार आईडी बनने का काम शुरू तक नहीं हुआ है। ऐसे विद्यालयों को पत्र भेजकर 24 घंटे के अंदर काम शुरू करने का सख्त निर्देश दिया गया है। हर हाल में 30 जून तक सभी बच्चों का अपार आईडी बनवाने का सख्त निर्देश दिया गया है। नहीं बनने पर निजी विद्यालय की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। जिले में 712 निजी और 3433 सरकारी विद्यालय हैं。
निजी विद्यालयों पर कार्रवाई
डीईओ कृष्ण मुरारी गुप्ता ने बताया कि जिले के 57 निजी विद्यालयों को पत्र भेजकर 30 जून तक हर हाल में सौ फीसदी बच्चों का अपार आईडी बनवाने को कहा गया है। कहा कि तय समय पर नहीं बना तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई होगी। मान्यता रद्द की जाएगी। निजी के साथ सरकारी विद्यालय के प्राचार्य क्लास टीचर को प्राथमिकता के साथ अपार बनवाने का सख्त निर्देश दिया गया। अगर बच्चे का आधार नहीं है तो आधार बनवाने के बाद तुरंत अपार जेनरेट कराएं।
विशेष विद्यालय
सबसे अधिक गया नगर प्रखंड के 12 विद्यालयों में शुरू नहीं हुआ अपार निर्माण
डीपीओ (प्रारंभिक शिक्षा) गौरव राज ने बताया कि जिले के 57 विद्यालयों ने अभी तक अपार निर्माण शुरू तक नहीं किया है। इनमें सबसे अधिक गया नगर प्रखंड के 12 विद्यालयों में शुरू नहीं हुआ है। इसी तरह आमस के चार, बांकेबाजार के दो, बेलागंज के पांच, बोधगया के चार, डोभी के छह, डुमरिया के एक, फतेहपुर के तीन, गुरुआ के पांच, कोंच के दो, मानपुर के तीन, मोहनपुर के दो, परैया के एक, टिकारी के छह और वजीरगंज के एक विद्यालय में अपार निर्माण शुरू नहीं किया गया है।
अपार आईडी की अनिवार्यता
10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य हो गई अपार आईडी
आगामी 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के लिए अपार आईडी जरूरी हो गया है। डीपीओ (प्रारंभिक शिक्षा) गौरव राज ने बताया कि इस संबंध में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से पत्र भी आया है। इसमें विद्यालय का यू डायस कोड के साथ ही छात्र-छात्राओं का अपार आईडी अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसी स्थिति को लेकर जिले के सभी सरकारी व निजी विद्यालय को पत्र लिखकर तय समय के अंदर यू डायस कोड के साथ ही सभी बच्चों का अपार आईडी बनवाने का सख्त निर्देश दिया गया है। सरकारी विद्यालय के प्राचार्य क्लास टीचर को प्राथमिकता के आधार पर अपार आईडी बनवाने को कहा गया है।


