शहर के 41 वकीलों पर दर्ज हैं 257 गंभीर मुकदमे
कानपुर: हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद, कमिश्नरेट पुलिस ने 10 वर्षों के आंकड़ों के आधार पर 41 वकीलों के खिलाफ 257 गंभीर मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे मामले शामिल हैं। यूपी बार काउंसिल ने सभी बार एसोसिएशनों से दागी वकीलों की सूची मांगी है।

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। दागी वकीलों पर हाईकोर्ट का रुख सख्त होने के बाद अब कमिश्नरेट पुलिस ने गंभीर मुकदमों की अलग सूची तैयार कर ली है। पिछले 10 वर्षो के आंकड़े जुटाने के बाद पुलिस को 41 वकीलों पर 257 गंभीर मुकदमे दर्ज मिले हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी समेत अन्य मुकदमे शामिल हैं। वकीलों के करीब 50 मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट भी लग चुकी है। बता दें 23 जुलाई को यूपी बार काउंसिल ने प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन को पत्र भेजकर वकीलों पर दर्ज मुकदमों की डिटेल 15 दिनों के अंदर मांगी है। पत्र की प्रति जिला जज, पुलिस कमिश्नर, एसएसपी, एसडीएम और तहसीलदार को भेजी गई है। इटावा के अधिवक्ता मो. कफील की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 3 जून को 61 पेज का आदेश जारी किया था। आदेश में न्यायमूर्ति ने यूपी बार काउंसिल, बार एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की थी। आदेश में कहा गया, वकीलों पर चल रहे मुकदमों की सुनवाई उनके जिलों में नहीं होगी। हाईकोर्ट ने इसके लिए प्रदेशभर के जिलों की सूची जारी करते हुए मुकदमे कहां सुने जाएंगे, यह दिशा-निर्देश भी दिए हैं। ऐसे में कानपुर में चल रहे वकीलों के मुकदमे उन्नाव भेजे जाएंगे, जबकि वहां के मुकदमे कानपुर आएंगे। इन सबके बीच यूपी बार काउंसिल ने 23 जुलाई को प्रदेश के सभी बार एसोसिएशन को पत्र भेजकर 15 दिनों में दागी वकीलों की सूची मांगी है। इसे देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने पिछले 10 वर्षों के दौरान वकीलों पर दर्ज मुकदमों की सूची तैयार की। इसमें सामान्य और गंभीर मुकदमों की अलग-अलग सूची तैयार की है। 41 वकीलों पर गंभीर अपराध दर्ज मिले हैं। इसमें 23 पर गैंगस्टर के मामले दर्ज हैं। गंभीर मुकदमों में हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर, अपहरण, रंगदारी वसूलने जैसे केस हैं। चार वकीलों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है जबकि एक दर्जन की हिस्ट्रीशीट कार्यवाही चल रही है。
कोतवाली में सबसे ज्यादा केस
कानपुर कोतवाली में 109 वकीलों से जुड़े 112 मुकदमे लंबित हैं जो प्रदेश के किसी एक थाने के लिए दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। कर्नलगंज में 16 वकीलों पर 32 मुकदमे जबकि नवाबगंज में 16 वकीलों पर 18 मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही अन्य थानों में भी केस दर्ज हुए थे。
गंभीर मुकदमों के 10 साल के आंकड़े
-257 मुकदमे दर्ज हुए गंभीर अपराधों में-41 वकीलों को बनाया गया आरोपी-194 मुकदमों में लगी चुकी है चार्जशीट-47 मुकद्मों में लगाई गई है अंतिम रिपोर्ट-03 मामलों में चालानी रिपोर्ट भेजी गई-13 मुकदमे फिलहाल हैं विचाराधीन
10 साल में वकीलों पर दर्ज हुए मुकदमों की स्थिति
-469 मुकदमे दर्ज हैं वकीलों के खिलाफ-485 वकील आरोपी हैं इन मुकदमों में-76 मामलों में अंतिम रिपोर्ट लगाई जा चुकी है-348 वकीलों के खिलाफ चार्जशीट लगाई गई-07 मामलों में चालानी रिपोर्ट भेजी गई-33 वकीलों के खिलाफ विवेचना चल रही है
किस वकील पर कितने केस
पुलिस आयुक्त ने बताया कि दीनू उपाध्याय पर 23, नारायण सिंह भदौरिया पर 17, दीपक जादौन पर 16, सतेंद्र त्रिवेदी पर 16, मोहित श्रीवास्तव पर 13, योगेंद्र सिंह कुशवाहा पर 13, जयंत सिंह उर्फ आशु पर 12, अरुण पांडेय उर्फ पिंटू पर 11, आशीष शुक्ला उर्फ आशु पर 11, हिमांशु दीक्षित पर 10, राजेंद्र धमाका पर 9, महेश सिंह यादव पर 7 और अखिलेश दुबे पर 6 केस हैं। इसके साथ ही अन्य वकीलों पर दो या उससे अधिक केस दर्ज हैं。
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