हादसे के बाद परिवहन विभाग ने चलाया अभियान, 50 वाहनों के चालान
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे के बाद परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को दिनभर चेकिंग अभियान चलाकर 50 से अधिक चालान किए गए। अधिकारियों का कहना है कि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे के बाद परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को दिनभर परिवहन विभाग की टीम ने हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 50 से अधिक वाहन चालकों के चालान किए गए। वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित वाहन मिलने पर भारी जुर्माना लगाने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ विपिन कुमार के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर लगातार जांच कर रही है।
वहीं, एसपी सूरज राय के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस भी प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है। मुख्य चौराहों, हाईवे के एंट्री पॉइंट और बाजारों में भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद विभाग के अधिकारी दिन-रात सड़कों पर उतरकर वाहनों की जांच कर रहे हैं। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर के साथ बागपत-मेरठ हाईवे पर भी अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिबंधित वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस रोजाना 100 से ज्यादा वाहन चालकों के चालान कर रही है। वहीं, परिवहन विभाग की टीम भी प्रतिदिन 25 से ज्यादा चालान काट रही है। विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य प्रतिबंधित वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के साथ सड़क हादसों को कम करना है। एआरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। हाईवे पर प्रतिबंधित वाहनों का संचालन किसी भी हाल में नहीं होने दिया जाएगा। जिले में चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।


