निर्माता व विक्रेता पर लगाया तीन लाख, 60 हजार का जुर्माना
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो मामलों में कुल तीन
देवेंद्र पांडे, बागेश्वर। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो मामलों में कुल 3.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई से मिलावटी और अधोमानक खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि 29 अगस्त 2024 को लिए गए नौ एएम टमेटो केचप के नमूने जांच में अधोमानक पाए गए। जांच में उत्पाद में टमाटर पल्प की मात्रा निर्धारित मानकों से कम मिली। इस पर न्याय निर्णायक अधिकारी एवं जिलाधिकारी बागेश्वर ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 51 के तहत निर्माता मैसर्स दाम्या फूड्स प्रा.लि., विलेज चिकना, शाहाबाद रोड, रामपुर पर तीन लाख रुपये तथा वितरक मैसर्स अक्षरा ट्रेडिंग, कालाढूंगी रोड, हल्द्वानी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में 26 फरवरी 2020 को लिए गए अमूल मोटी यूएचटी ट्रीटेड होमोजेनाइज्ड टोंड मिल्क के नमूने में एसएनएफ (सॉलिड-नॉट-फैट) की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इस मामले में निर्माता और विपणनकर्ता पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।विपिन कुमार ने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में फूड पॉइजनिंग तथा दूषित खाद्य पदार्थों से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य कारोबारियों को एफएसएसएआई के मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सभी कारोबारियों की जिम्मेदारी है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?


