पूनम सिरोही को बनाया गया नोडल अधिकारी
बेटियों की सुरक्षा के लिए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कठोर निर्णय लिया है। जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को स्कूल एवं कॉलेजों के बाहर पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आगरा में अपूर्व उपायुक्त पूनम सिरोही को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

बेटियां जब घर से स्कूल या कॉलेज के लिए निकलें तो उनके मन में भय नहीं, बल्कि सुरक्षा का विश्वास होना चाहिए। सड़कों पर आवारागर्दी करने वाले और स्कूलों के बाहर खड़े होकर माहौल खराब करने वाले तत्वों के दिन अब लद चुके हैं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान के इस कड़े फैसले ने साफ कर दिया है कि आधी आबादी की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान में प्रकाशित 'रखें बेटियों का ध्यान, उनकी सुरक्षा है जिम्मेदारी' शीर्षक खबर का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सभी बालिका विद्यालयों, सह-शिक्षा विद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के बाहर पुलिस गश्त बढ़ाएं।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने आगरा समेत पूरे प्रदेश में स्कूल और कॉलेजों के बाहर छात्राओं के साथ होने वाली छींटाकशी, छेड़खानी और असुरक्षा के माहौल पर कड़ा संज्ञान लिया है। इस व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए आगरा में अपर पुलिस उपायुक्त पूनम सिरोही को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यदि किसी स्कूल के बाहर छात्राओं को सुरक्षा की कमी महसूस होती है या किसी स्थान पर मनचलों का जमावड़ा रहता है, तो नोडल अधिकारी वहां तत्काल पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कराएंगी। साथ ही छात्राओं और महिला संगठनों से सीधे संवाद स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का फीडबैक भी लेंगी।
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