शिक्षा में सुधार लाएंगे सीआरसीसी, हर माह होगा कक्षा का अवलोकन
बिहार के प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंडों को निर्देश जारी किया है। अब कॉम्प्लेक्स संसाधन केंद्र (सीआरसीसी) हर सप्ताह एक दिन विद्यालयों का भ्रमण करेंगे, कक्षाओं का अवलोकन करेंगे और शिक्षकों को रचनात्मक फीडबैक देंगे। इससे बच्चों के सीखने के परिणाम में सुधार लाने की उम्मीद है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंडों को जारी किया निर्देश, सप्ताह में एक दिन रोस्टर के अनुसार करेंगे विद्यालयों का भ्रमण कक्षा एक व दो का अवलोकन अनिवार्य, शिक्षकों को मौके पर रचनात्मक फीडबैक नियमित विद्यालय भ्रमण और कक्षा अवलोकन से अकादमिक संवाद एवं सहयोग बढ़ेगा (युवा पेज की लीड खबर) भभुआ, नगर संवाददाता। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर के निर्देश पर जिले के प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद शुरू की गई है। निदेशक के आदेश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत कुमार ने जिले के सभी प्रखंडों को निर्देश जारी किया है। इसके तहत कॉम्प्लेक्स संसाधन केंद्र के समन्वयक (सीआरसीसी) अब सप्ताह में एक दिन निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्यालयों का भ्रमण करेंगे।
विद्यालय भ्रमण का उद्देश्य
भ्रमण के दौरान कक्षाओं का अवलोकन करने के साथ शिक्षकों को शिक्षण कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा। सीआरसीसी के विद्यालय भ्रमण का मुख्य उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि शिक्षकों को मौके पर अकादमिक सहयोग और मेंटरशिप उपलब्ध कराना है। इससे कक्षा-अनुदेशन की प्रक्रिया को मजबूत करने और बच्चों के सीखने के परिणाम में सुधार लाने में मदद मिलेगी। निर्देश के अनुसार, प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय का महीने में कम से कम एक बार सीआरसीसी द्वारा भ्रमण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सप्ताह का एक दिन निर्धारित कर रोस्टर तैयार किया जाएगा। प्रत्येक भ्रमण में कम से कम दो कक्षाओं का अवलोकन किया जाएगा। इनमें कक्षा एक या दो की कक्षा का अवलोकन अनिवार्य होगा। कक्षा अवलोकन के लिए मानक ऑब्जर्वेशन टूल अथवा चेकलिस्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर कक्षा-अनुदेशन की प्रक्रिया, शिक्षण पद्धति और बच्चों की सीखने की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
शिक्षकों को मिलेगा फीडबैक
शिक्षकों को मौके पर मिलेगा रचनात्मक फीडबैक कक्षा अवलोकन के बाद सीआरसीसी संबंधित शिक्षक को रचनात्मक फीडबैक और आवश्यक मार्गदर्शन देंगे। जरूरत के अनुसार शिक्षण गतिविधि, शिक्षण रणनीति और कक्षा में बनाई गई दिनचर्या में सुधार के लिए सुझाव भी दिए जाएंगे। शिक्षकों को पाठ योजना बनाने तथा उपचारात्मक शिक्षण में भी सहयोग मिलेगा। विद्यालयों की शैक्षणिक चुनौतियों की पहचान कर लक्ष्य आधारित परिणाम बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। पंचायत स्तर पर सभी विद्यालयों के शिक्षकों को ऑन-साइट मेंटरशिप उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
रविवार की रिपोर्टिंग
हर सप्ताह जमा करना होगा प्रतिवेदन सीआरसीसी और प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) को प्रत्येक सप्ताह विद्यालय भ्रमण का प्रतिवेदन जमा करना होगा। इसमें भ्रमण किए गए विद्यालय का विवरण, कक्षा अवलोकन, शिक्षकों को उपलब्ध कराया गया अनुसमर्थन तथा विद्यालयों में आवश्यक अतिरिक्त संसाधन एवं हस्तक्षेप का आकलन शामिल रहेगा। इससे विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति की नियमित समीक्षा हो सकेगी। नवाचार करने वाले शिक्षक होंगे सम्मानित निर्देश में कॉम्प्लेक्स स्तर पर बेहतर नवाचार करने वाले शिक्षकों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित करने का भी प्रावधान किया गया है। बेहतर समस्या समाधान, केस स्टडी और नवाचार को जिला एवं राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का कोर ग्रुप तैयार कर शैक्षणिक समस्याओं के समाधान में भी सहयोग लिया जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि नियमित विद्यालय भ्रमण और कक्षा अवलोकन से शिक्षकों के बीच अकादमिक संवाद एवं सहयोग बढ़ेगा। पंचायत स्तर पर शैक्षणिक सहयोग की संरचना मजबूत होगी और प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षण प्रक्रिया में सुधार के साथ बच्चों के सीखने के परिणाम में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा। फोटो- 24 अगस्त भभुआ- 16 कैप्शन- भभुआ प्रखंड के कुड़ासन मध्य विद्यालय के चेतना सत्र में सोमवार को शामिल छात्र-छात्राएं।


