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सीमा पार से बड़ी साजिश का पर्दाफाश! अमित शाह ने संभाला मोर्चा, खास रणनीति हुई तैयार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। यहां एक पखवाड़ा पहले पुंछ जिले में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किये गये हमले में 5 सैनिक शहीद हो गए थे।

सीमा पार से बड़ी साजिश का पर्दाफाश! अमित शाह ने संभाला मोर्चा, खास रणनीति हुई तैयार
Deepakलाइव हिन्दुस्तान,जम्मू्Tue, 02 Jan 2024 09:33 PM
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सीमा पार से कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिशों के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलवार को जम्मू कश्मीर पहुंचे। यहां पर उन्होंने सुरक्षा के हालात को लेकर समीक्षा बैठक की। यहां एक पखवाड़ा पहले पुंछ जिले में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किये गये हमले में पांच सैनिक शहीद हो गए थे। इसके अलावा बीते कुछ वक्त में यहां लगातार घुसपैठ की कोशिशें होती रही हैं।

जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिशों के पीछे पाकिस्तान परस्त आतंकियों का हाथ बताया जा रहा है। गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद ने यहां पर अपने प्रॉक्सी संगठन पीएएफएफ को आतंक फैलाने में लगा रखा है। इसके अलावा हालिया आतंकी हमलों के बाद चले तलाशी अभियान में सेना को घुसपैठियों के पास से पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार मिले हैं।

बेहतर हो तालमेल
इस बैठक के दौरान अमित शाह ने पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। ऐसा करने के पीछे मकसद जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। इसके अलावा उन्होंने लोकल इंटेलीजेंस को भी बढ़ावा देने की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख पांडे और खुफिया और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी मंगलवार को बैठक में शामिल हुए। एक अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। साथ ही अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को खतरे वाले इलाकों में पर्याप्त मात्रा में जवानों की तैनाती के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है।

नागरिकों की मौत से गुस्सा
गौरतलब है कि सेना 21 दिसंबर के आतंकवादी हमले के एक दिन बाद तीन नागरिकों को पूछताछ के लिए कथित तौर पर ले गई थी। 21 से 42 वर्षीय ये तीनों लोग बाद में मृत पाए गए जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। इन घटनाओं के मद्देनजर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने पुंछ का दौरा किया था। इससे पूर्व, जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने मृत नागरिकों के परिजनों के लिए मुआवजे और नौकरी का ऐलान करते हुए कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर में साल 2023 की शुरुआत से ही छिटपुट हिंसा जारी है। अधिकारियों ने हिंसा में वृद्धि को क्षेत्र में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए सीमा पार के हताश प्रयासों को जिम्मेदार ठहराया है।  

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