समस्तीपुर का कुख्यात ललन सिंह सहारनपुर मुठभेड़ में ढेर
यूपी एसटीएफ और सहारनपुर पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात अपराधी ललन सिंह को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। ललन कई संगीन मामलों में वांछित था। मुठभेड़ के दौरान ललन घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसका एक साथी फरार हो गया है।

सहारनपुर/समस्तीपुर, हि.टी.। यूपी एसटीएफ और सहारनपुर पुलिस ने सोमवार तड़के एक संयुक्त कार्रवाई में बिहार व पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी और सवा लाख रुपये के इनामी बदमाश ललन सिंह उर्फ लल्लन को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर स्थित आनंदगोलवा निवासी ललन सिंह सात हत्याओं, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमलों सहित कई संगीन मामलों में वांछित था। सरसावा फ्लाईओवर के पास हुई इस मुठभेड़ में ललन गोली लगने से घायल हो गया था, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। बदमाश के पास से स्टेनगन, पिस्टल, कारतूस और एक बाइक बरामद हुई है। सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बिहार से फरार ललन सिंह अपने साथी के साथ सहारनपुर में किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। सूचना पर एएसपी लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने सरसावा फ्लाईओवर के नीचे कच्चे मार्ग पर घेराबंदी की। तड़के करीब साढ़े तीन बजे बाइक पर आए दो संदिग्धों को जब रोकने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की। इस दौरान बाइक फिसलने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की गोलियां एएसपी लाल प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर आदित्य कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ललन सिंह घायल हो गया, जबकि उसका साथी भाग निकला। घायल को पहले सीएचसी सरसावा और फिर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
गिरफ्तारी का इनाम
उसकी गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस ने एक लाख और चंदौली पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मौके से एक स्टेनगन, एक पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखे, एक बैग और हीरो स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में अभियान चला रही है।
मुठभेड़ का परिणाम
यूपी एसटीएफ और सहारनपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सवा लाख रुपये का इनामी अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन मुठभेड़ में मारा गया है। वह कई जघन्य अपराधों में वांछित था। उसके फरार साथी की तलाश में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अभिषेक सिंह, डीआईजी, सहारनपुर रेंज
परिवार की कहानी
कॉलेज से शुरू हुआ था जुर्म का रास्ता, मुठभेड़ में तीनों भाई का अंत
मोहिउद्दीननगर। समस्तीपुर के आनंदगोलवा गांव से तीन भाई सुनहरे भविष्य का सपना लेकर पढ़ाई करने निकले थे, लेकिन अपराध की दुनिया ने तीनों का खौफनाक अंत कर दिया। मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा निवासी शिवशंकर सिंह का पुत्र और सवा लाख का इनामी कुख्यात ललन सिंह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
सहारनपुर के सरसावा-नकुर रोड पर रविवार देर रात एसआईटी व पुलिस के साथ हुई इस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद ललन ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। ललन के मारे जाने की खबर सोमवार को गांव में आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों के बीच इस बात की चर्चा है कि शिवशंकर सिंह के तीन बेटे (मनीष सिंह, रजनीश सिंह और ललन सिंह) यूपी पुलिस के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं।
परिजनों का दुःख
ललन के पिता शिवशंकर सिंह और माता रेशमा देवी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें अब तक कोई सूचना नहीं दी है। सोमवार को स्थानीय चौकीदार के जरिए उन्हें बेटे के एनकाउंटर की जानकारी मिली, जिसके बाद पैरालिसिस से पीड़ित दिव्यांग माता-पिता की हालत खराब है। उन्होंने बताया कि ललन काफी समय से अपनी पत्नी, दो बेटों और एक बेटी के साथ यूपी में ही छिपकर रह रहा था। वह एक महीने पहले ही अपनी पत्नी और बच्चों को उनके ननिहाल बख्तियारपुर छोड़कर गया था।
परिजनों के अनुसार मनीष, रजनीश और ललन को पढ़ाई के लिए बाढ़ (पटना) के कॉलेज में रखा गया था, जहां असामाजिक लोगों के संपर्क में आकर तीनों ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। ग्रामीणों ने बताया कि ललन सिंह 6 भाई और 4 बहनें थीं। सबसे बड़े भाई रंजीत सिंह की मौत फैक्ट्री में काम के दौरान दुर्घटना में हुई थी। दूसरे भाई पथलु सिंह ओडिशा में निजी गार्ड का काम करते हैं। तीन भाई एनकाउंटर में मारे गए, जबकि सबसे छोटा भाई राजेश सिंह वर्तमान में हाजीपुर जेल में बंद है।
बैंक लूट की जानकारी
बाढ़ के बेलछी बैंक लूट में घर से बरामद हुए थे 45 लाख रुपये
ललन सिंह पटना जिले के बाढ़ स्थित बेलछी के पंजाब नेशनल बैंक शाखा में हुई कैश बॉक्स लूट और तीन लोगों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी था। 6 मार्च 2017 को बैंक में कैश वाहन से राशि लाई गई थी। बक्सा उतारते समय अपराधियों ने सुरक्षा गार्ड योगेंद्र दास, सुरेश कुमार और चालक आनंद कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी और 65 लाख रुपये लूट लिए थे। तत्कालीन एसपी के निर्देश पर ललन सिंह, मनीष सिंह और रजनीश सिंह को नामजद किया गया था।
पुलिस की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक इस लूट के बाद 30 मार्च 2017 की रात तत्कालीन एसपी मन्नू महाराज के नेतृत्व में पुलिस और एसआईटी ने पूरे गांव और ललन के घर को घेरकर तीनों भाइयों को धर दबोचा था। पुलिस पहले तीनों को अपने साथ ले गई, लेकिन कुछ ही घंटे बाद उन्हें लेकर वापस आनंदगोलवा आई। तीनों की निशानदेही पर घर के अंदर जमीन से दूध वाली केन उखाड़ी गई, जिसमें से लूट के 45 लाख रुपये नकद बरामद हुए। एसपी मन्नू महाराज ने ग्रामीणों के सामने यह राशि दिखाई थी। हालांकि, कुछ महीने बाद बाढ़ न्यायालय में पेशी के दौरान ललन सिंह हाजत का वेंटिलेटर तोड़कर फरार हो गया था।
अपराध की ओर बढ़ना
हाजत से भागकर यूपी में शुरू किया अपराध, दो भाई पहले ही ढेर
हाजत से भागने के बाद तीनों भाइयों ने उत्तर प्रदेश को अपना ठिकाना बनाया और वहां आपराधिक वारदात को अंजाम देने लगे। 8 नवंबर 2022 को वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में बाइक सवार अपराधियों ने सब-इंस्पेक्टर अजय यादव को गोली मारकर उनकी बुलेट मोटरसाइकिल और सर्विस पिस्टल छीन ली थी। इस संबंध में लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें मनीष, रजनीश और ललन को आरोपी बनाया गया।
इस घटना के बाद गठित एसआईटी ने 21 नवंबर 2022 को वाराणसी रिंग रोड पर घेराबंदी की, जहां पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में मनीष सिंह और रजनीश सिंह मारे गए, जबकि ललन अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकला था। तब से वह बिहार और यूपी पुलिस से छुपकर रह रहा था।
पुलिस की चेतावनी
ढोल बजाकर चिपकाया गया था इस्तेहार, नहीं किया समर्पण
अदालत के आदेश पर 15 अप्रैल 2026 को वाराणसी के उपनिरीक्षक गौरव मिश्रा के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश सिंह, कांस्टेबल अमित शुक्ला और कृष्ण कांत पांडे ललन के पैतृक गांव आनंदगोलवा पहुंचे थे। पुलिस टीम ने वहां विधिवत ढोल बजाकर इस्तेहार चिपकाया था और उसे एक महीने के भीतर न्यायालय में समर्पण करने का निर्देश दिया था। आखिरकार, रविवार देर रात सहारनपुर में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने उसे मार गिराया।


