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1 अप्रैल, 2020|1:11|IST

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PM मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'Statue of Unity' के पीछे की कहानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए 31 अक्टूबर, 2013 को इस प्रतिमा की आधारशिला रखी थी। इस विशालकाय प्रतिमा को 4 हजार कर्मियो ने 5 साल तक दो शिफ्टों में काम करके तैयार किया।

Staue of Unity.jpg (Photo: PMO India)

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 31 अक्टूबर को देश के पहले गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिवस पर उनके सम्मान में बनी विश्‍व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी' का अनावरण कर उसे राष्‍ट्र को समर्पित करेंगे। सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित केवड़िया में बनी है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर उपस्थित जन समूह को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह 'वाल ऑफ यूनिटी' पर पहुंचेंगे और इस प्रतिमा का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर यहां बने सरादर पटेल संग्रहालय के साथ-साथ दर्शक दीर्घा का भी अनावरण करेंगे। 153 मीटर ऊंची इस दर्शक दीर्घा में एक समय में अधिकतम 200 आगंतुक उपस्थित हो सकते हैं। यहां से दर्शक सरदार सरोवर बांध, इसके जलाशय और सतपुड़ा एवं विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं का मनोरम दृश्‍य देख सकेंगे। इस प्रतिमा को राष्‍ट्र को समर्पित करने के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान भारतीय वायु सेना के विमान फ्लाईपास्ट करेंगे। इसके साथ ही विभिन्‍न सांस्‍कृतिक दल इस अवसर पर अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन भी करेंगे। 

'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की आधारशिला 31 अक्टूबर, 2013 को रखी गई थी 
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए 31 अक्टूबर, 2013 को इस प्रतिमा की आधारशिला रखी थी। इस प्रतिमा का मकसद सरदार पटेल के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना है, जिन्होंने अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद भारत को एकता के सूत्र में बांधने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। पीएम मोदी के इस प्रोजेक्ट पर वर्ल्ड क्लास कंस्ट्रक्शन कंपनियां- जैसे- माइकल ग्रेव्स आर्किटेक्चर एंड डिजाइन्स, टर्नर कंस्ट्रक्शन और लार्सन एंड टूब्रो काम कर रही थीं। 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का निर्माण विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित साधू बेट पर किया गया है। नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध से इसकी दूरी महज 3.5 किलोमीटर है। सरदार सरोवर बांध के जलाशय के बिल्कुल मध्य में खड़ी इस विशालकाय प्रतिमा को 4 हजार कर्मियों ने 5 साल तक दो शिफ्टों में काम करके तैयार किया।

अमेरिका की 'स्टैच्यू आॅफ लिबर्टी' से दोगुनी ऊंची है 'स्टैच्यू आॅफ यूनिटी'
गुजरात सकरकार के मुख्य सचिव जेएन सिंह ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि इस प्रोजेक्ट के प्रस्ताव के वक्त ही मोदी को इसके सभी पहलुओं के बारे मे जानकारी थी कि यह कैसे होगा और क्यों होना चाहिए। यह उनकी ही सोच थी कि दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति सरदार पटेल की होनी चाहिए। यह प्रतिमा अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध 'स्टैच्यू आॅफ लिबर्टी' से दोगुनी ऊंची है। जहां 'स्टैच्यू आॅफ लिबर्टी' की ऊंचाई 93 मीटर है तो 'स्टैच्यू आॅफ यूनिटी' की ऊंचाई 182 मीटर है। प्रोजेक्ट को लेकर की गई पहली ब्रीफिंग को याद करते हुए उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता मंच (SVPREM) के अंडर था। जिसके अध्यक्ष खुद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे।

राष्ट्रीय एकता दिवस : मिलिए 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' बनाने वाले मूर्तिकार राम वंजी सुतार से -Video

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  • Web Title:Statue of Unity is the ambitious project of modi know story behind the making of it