बगहा: सूचना नहीं देने पर डीएस पर लगा25 हजार रुपये जुर्माना
बगहा, नप्र। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना छह साल बाद भी उपलब्ध नहीं कराने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने बगहा अनुमंडल अस्पताल के तत्कालीन लोक सूचना पदाधिकारी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है और सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बगहा, नप्र। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना छह साल बाद भी उपलब्ध नहीं कराने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने बगहा अनुमंडल अस्पताल के तत्कालीन लोक सूचना पदाधिकारी सह उपाधीक्षक पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
राज्य सूचना आयोग का आदेश
साथ ही संबंधित आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के लिए सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक ने वर्ष 2019 में बगहा अनुमंडल अस्पताल से संबंधित जानकारी आरटीआई के माध्यम से मांगी थी। निर्धारित अवधि में सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने पर आवेदक ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया।
अर्थदंड का कारण
आयोग की ओर से सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। लगातार आदेश की अनदेखी को राज्य सूचना आयोग ने गंभीरता से लिया। सुनवाई के दौरान आयोग ने लोक सूचना पदाधिकारी की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश
आयोग ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के साथ आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। छह वर्ष तक सूचना नहीं मिलने और आयोग के आदेश के बाद भी उसका अनुपालन नहीं होने से आरटीआई अधिनियम के तहत सूचना देने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।


