34 इनक्यूबेटरों में कन्नौज ने बनाई जगह, मिला ‘प्रॉमिसिंग इनक्यूबेटर अवार्ड’
कन्नौज के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को ‘एकेटीयू प्रॉमिसिंग इनक्यूबेटर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह कॉलेज का नवोत्थान स्टार्टअप फाउंडेशन-इन्क्यूबेशन सेंटर 2022 में स्थापित हुआ था और अब तक 58 स्टार्टअप को इन्क्यूबेशन की सुविधा प्रदान कर चुका है।
कन्नौज, संवाददाता। स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज ने प्रदेश में अपनी पहचान मजबूत की है। कॉलेज के नवोत्थान स्टार्टअप फाउंडेशन-इन्क्यूबेशन सेंटर को ‘एकेटीयू प्रॉमिसिंग इनक्यूबेटर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। खास बात यह है कि एकेटीयू से संबद्ध और यूपीएलसी से मान्यता प्राप्त 34 इनक्यूबेटरों में कॉलेज को इस श्रेणी में चुना गया है। यूपी स्टार्टअप संवाद 3.0 के तहत लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कॉलेज को यह सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय और अटल इनोवेशन मिशन के मिशन डायरेक्टर डॉ. दीपक बागला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश में कुल आठ इनक्यूबेटरों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान दिया गया, जिसमें राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कन्नौज को ‘बेस्ट प्रॉमिसिंग इनक्यूबेटर’ श्रेणी में पुरस्कार मिला। कॉलेज का नवोत्थान स्टार्टअप फाउंडेशन-इन्क्यूबेशन सेंटर वर्ष 2022 में स्थापित हुआ था। स्थापना के बाद से सेंटर की ओर से नए आइडिया और नवाचार को स्टार्टअप में बदलने के लिए युवाओं और विद्यार्थियों को मार्गदर्शन, मेंटरशिप और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में सेंटर में 35 से अधिक स्टार्टअप इन्क्यूबेट हैं, जबकि अब तक 58 से अधिक स्टार्टअप को इन्क्यूबेशन की सुविधा दी जा चुकी है। कम समय में इतनी संख्या में स्टार्टअप को सहयोग उपलब्ध कराना सेंटर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। कन्नौज के स्थानीय स्तर पर भी सेंटर से जुड़े स्टार्टअप अपनी पहचान बना रहे हैं। इनमें वेद्या डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड प्रमुख है। ऐसे स्टार्टअप के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अपने नवाचार और कारोबारी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए मंच मिल रहा है。
नवोत्थान स्टार्टअप फाउंडेशन को 2021 मिली थी मान्यता
नवोत्थान स्टार्टअप फाउंडेशन को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की ओर से वर्ष 2021 में मान्यता भी प्राप्त हुई थी। कॉलेज के निदेशक प्रो. मनोज कुमार शुक्ला ने इस उपलब्धि पर इन्क्यूबेशन सेंटर के निदेशक डॉ. रविश सिंह राजपूत, डॉ. बीडीके पात्रो, समन्वयक डॉ. विजय कुमार तिवारी और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान टीम के साथ जुड़े मेंटर्स, फैकल्टी सदस्यों, स्टार्टअप्स, नवप्रवर्तकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन आगे भी युवाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराकर नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम करेगा।


