रेशम उत्पादन से बढ़ेगी किसानों की आय
गोण्डा में केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा 'मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0' के तहत हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी ने रेशम उत्पादन के फायदों पर चर्चा की। वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीक, क्लस्टर विकास और महिला स्वरोजगार पर जानकारी साझा की एवं भविष्य की योजना पर विचार-विमर्श किया।

गोण्डा, संवाददाता। केंद्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय रेशम अनुसंधान केंद्र (आरएसआरएस), गोण्डा की ओर से एलबीएस कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम में मेरा रेशम मेरा अभिमान (एमआरएमए) 2.0 के तहत जिला हितधारक परामर्श बैठक हुई। मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक कृषि संतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि रेशम उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम बन सकता है। अध्यक्षता सीएसबी-आरएसआरएस के प्रभारी व वैज्ञानिक डॉ. राम लखन राम ने की। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों और जिला रेशम विकास योजना की जानकारी दी। सहायक निदेशक रेशम मिथिलेश सिंह, वैज्ञानिक डॉ. जितेन्द्र सिंह, एएसडीओ प्रतिभा देवी व विवेक कुमार श्रीवास्तव और एफपीओ बहराइच के प्रमुख रविशंकर सिंह ने विचार रखे।
तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आशीष कुमार पाण्डेय, डॉ. अभिषेक मिश्रा, ममता त्रिपाठी और डॉ. सुधांशु ने कृषि वानिकी, पशुपालन, महिला स्वरोजगार, प्रशिक्षण व तकनीकी मार्गदर्शन पर जानकारी दी। बैठक में क्लस्टर विकास, आधुनिक तकनीक और विभागीय समन्वय पर चर्चा कर आगामी पांच वर्षों की योजना का प्रारूप तैयार किया गया।


