विश्व के सबसे उंचे अशोक स्तंभ के लिए श्रीलंका के पूज्य भंते ने किया मार्गदर्शन
भारत के छिबरामऊ में, श्रीलंका के भंते हिपंकांडे सद्धासिरी अनु नायक थेरो और उनकी 45 सदस्यीय टीम का स्वागत किया गया। उन्होंने विश्व के सबसे ऊंचे अशोक स्तंभ के निर्माण में आशीर्वाद दिया और बोधि वृक्ष का पूजन किया। यह स्तंभ कन्नौज और समग्र देश का नाम रोशन करेगा, और इसे देखने के लिए अनेक लोग आएंगे।

छिबरामऊ, संवाददाता। भारत में बौद्ध तीर्थ स्थलों के भ्रमण पर 45 सदस्यीय टीम के साथ निकले श्रीलंका के पूज्य भंते हिपंकांडे सद्धासिरी अनु नायक थेरो जी (मुख्य विहाराध्यक्ष एवं निदेशक, विद्या समाधि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र) तथा उनके साथ पधारे पूज्य भिक्षुओं एवं श्रद्धालुओं का सम्राट अशोक चैरिटेबल ट्रस्ट के संरक्षक ओमकार शाक्य एवं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया और विश्व के सबसे ऊंचे बनने वाले राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ के लिए आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त किया। पूज्य भंते ने निर्माणाधीन अशोक स्तंभ तत्पश्चात ओमकार शाक्य द्वारा श्रीलंका से पिछले वर्ष लाये गए बोधि वृक्ष का भी विधि विधान पूर्वक पूजन किया।
इस अवसर पर पूज्य भंते ने नगला लक्षीराम में विश्व के सबसे ऊंचे बनने वाले राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ के लिये शुभकामनाएं देते हुए कहा इसके बनने के बाद छिबरामऊ ही नहीं अपितु जनपद कन्नौज, उत्तर प्रदेश और देश का नाम पूरी दुनिया में प्रसिद्ध होगा। देश विदेश से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने वहां पर आएंगे। यह अशोक स्तंभ आने वाली पीढ़ियों को हमारी महान विरासत, धम्म और राष्ट्र की गौरवशाली सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का कार्य करेगा। ओमकार शाक्य ने उन्हें सम्मानित करने के बाद बताया इसकी अनुमानित लागत लगभग एक करोड़ है। जहां पर इसकी स्थापना होगी वहां बुद्ध विहार के पास ही दो बीघा जमीन की खरीदारी की जा चुकी है। इसके स्थापित होने से यह स्थान जनपद का सबसे बड़ा टूरिस्ट हब बन जाएगा। इस अवसर पर महामाया बौद्ध फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, रमेश बाबू बौद्ध, शिव प्रताप सिंह एडवोकेट, अमित कुमार बौद्ध, गौरव प्रधान शंकरपुर, जितेंद्र उर्फ जीतू शाक्य, सुभाष चंद्र, बांकेलाल, वीरपाल, प्रमोद कुमार, प्रभात कुमार, विकास, राजन व आकाश शाक्य साहित बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयाई मौजूद रहे।


