91 लाख में स्प्राइट को बेच दिया तेजस एक्सप्रेस का नाम

हिन्दुस्तान, लखनऊ
Follow us on Google News
share

लखनऊ से नई दिल्ली के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस का नाम 91 लाख में स्प्राइट कंपनी को बेचा गया है। इसे 19 अगस्त से ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ कहा जाएगा। ट्रेन की सफाई व्यवस्था और अन्य सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता पर यात्रियों ने चिंता प्रकट की है।

91 लाख में स्प्राइट को बेच दिया तेजस एक्सप्रेस का नाम

लखनऊ से नई दिल्ली के बीच चलने वाली देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का नाम रेलवे ने 91 लाख में स्प्राइट कंपनी को बेच दिया। तेजस एक्सप्रेस को अब 19 अगस्त से ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ के नाम से पुकारा जाएगा। यह भारतीय रेल में पहली बार होगा, जब किसी यात्री ट्रेन के नाम में किसी व्यावसायिक ब्रांड को आधिकारिक तौर पर जोड़ा जाएगा। इस नए समझौते में यात्री सुविधा में सुधार की बात नहीं है। शौचालयों में गंदगी और स्लाइडिंग डोर के सेंसर खराब होने सहित कोचों में सफाई की उचित व्यवस्था न होने को लेकर पूर्व में कई बार तेजस चर्चा में आ चुकी है। आईआरसीटीसी और स्प्राइट के बीच हुए ब्रांडिंग समझौते के तहत 16 कोच वाली तेजस के पांच कोच पर कंपनी अपने उत्पाद का प्रचार करेगी। छह महीने तक प्रचार के लिए कंपनी ने रेलवे को 91 लाख रुपये का भुगतान किया है। आईआरसीटीसी के मुताबिक स्प्राइट का नाम जुड़ने के बावजूद तेजस के संचालन में कोई बदलाव नहीं होगा। ट्रेन का संचालन पहले की तरह आईआरसीटीसी ही करेगा। ब्रांड को केवल विज्ञापन और नामकरण के अधिकार दिए गए हैं। लखनऊ-नई दिल्ली तेजस को अक्तूबर 2019 में शुरू किया गया था और इसे देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन सेवा के रूप में पेश किया गया था। आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र लखनऊ के अनुसार 19 अगस्त से ट्रेन संख्या 82501 और 82502 के लिए स्टेशनों पर भी ‘स्प्राइट तेजस एक्सप्रेस’ नाम से उद्घोषणा की जाएगी。

राजधानी से भी महंगा किराया पर सुविधाएं नहीं-

लखनऊ-नई दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस के सेकेंड एसी का किराया 2100 रुपये के आसपास पड़ता है। इस किराए में यात्री को पूरी बर्थ मिलती है और वह आराम से सोते हुए सफर करते हैं। जबकि तेजस एक्सप्रेस में चेयरकार का किराया 2200 रुपये से भी अधिक पहुंच जाता है। इस किराए में यात्रियों को बैठे-बैठे सफर करना पड़ता है। 91 लाख रुपये में तेजस का नाम बेचे जाने पर यात्रियों का कहना है कि रेलवे को तेजस एक्सप्रेस में यात्री सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए। महंगा किराया देने के बाद भी इस ट्रेन में सुविधा की बजाय यात्रियों को आए दिन असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। शौचालयों में पानी तक नहीं होता, कोच भी गंदे रहते हैं।

शौचालय गंदे तो दरवाजे के सेंसर खराब-

तेजस एक्सप्रेस में कई बार यात्रियों को सफाई व्यवस्था को लेकर असुविधाओं का सामना करना पड़ा है। पिछले दिनों ही लखनऊ से नई दिल्ली जा रही तेजस एक्सप्रेस के शौचालयों में पानी नहीं था, जिसके कारण वह काफी गंदे हो गए थे। कुछ कोच के दरवाजों के सेंसर भी काम नहीं कर रहे थे, जिससे वह अपने आप बंद नहीं हो रहे थे। कोच उचित सफाई व्यवस्था भी नहीं थी। यात्रियों ने इसकी शिकायत एक्स पर रेलवे से की थी।

प्रश्न और उत्तर

तेजस एक्सप्रेस का नाम किस कंपनी को बेचा गया है?
तेजस एक्सप्रेस का नाम स्प्राइट कंपनी को बेचा गया है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia News91 लाख में स्प्राइट को बेच दिया तेजस एक्सप्रेस का नाम