श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं छप्पन भोग ने भक्तों को किया भाव-विभोर
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं छप्पन भोग ने भक्तों को किया भाव-विभोर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं छप्पन भोग ने भक्तों को किया भाव-विभोर

बेलदौर । एक संवाददाता कैंजरी पंचायत भवन परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब कथा स्थल की ओर उमड़ पड़ी।
कथा का आयोजन
कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण को श्रद्धालुओं द्वारा अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ छप्पन भोग अर्पित किया गया। विभिन्न प्रकार के मिष्ठान्न, फल, पकवान एवं प्रसाद से भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान का पूजा-अर्चना कर प्रसाद का वितरण किया। छप्पन भोग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रहीं। इस अवसर पर श्रीकृष्ण उत्सव भी बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, जिसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन पर झूमते नजर आए।
धार्मिक उपदेश
वृंदावन धाम से आए प्रसिद्ध कथा वाचक बाबा प्रमोद व्यास जी महाराज ने अपने मधुर, ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में डुबो दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल चमतकारों की कथा नहीं, बल्कि धर्म, प्रेम, करुणा, सत्य और मानव कल्याण का संदेश है। जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन के अनेक कष्ट स्वत: दूर हो जाते हैं और मन में शांति एवं सकारात्मकता का संचार होता है।
कथा के प्रसंग
कथा के दौरान महाराज श्री ने अनेक पौराणिक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने राजा गांधी की कथा सुनाते हुए बताया कि उन्हें केवल एक पुत्री की प्राप्ति हुई थी, जबकि राजा निहूष के छह पुत्र थे, जिनका विवाह दैत्य कुल में हुआ था। इन प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने कर्म, धर्म, जीवन मूल्यों और ईश्वर की इच्छा के महत्व को सरल भाषा में समझाया। कथा सुनते-सुनते कई श्रद्धालु भावुक हो उठे और पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। कथा समाप्ति के बाद श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों, बाल लीलाओं, गोपाल रूप, माखन चोरी, भक्तों के प्रति उनके प्रेम तथा दिव्य चरित्र का जीवंत वर्णन किया गया। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, पूरा पंडाल शंखध्वनि, घंटियों, तालियों और नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठा कार्यक्रम को सफल बनाने में निरंजन झा, महेंद्र बाबा, रविन्द्र कुमार, रौशन कुमार, रेशमी भारती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने आवश्यक सहयोग किया।


